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इधर श्रद्धांजलि, उधर रोडरोलर: सीडीएस जनरल रावत की पत्नी के छोटे भाई दिल्ली में थे और सोहागपुर में उनकी जमीन पर कब्जा हो गया

Tue, 14 Dec 2021 03:35 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत के छोटे भाई का आरोप है कि जब वे दिल्ली में अंतिम संस्कार में शामिल हो रहे थे, तब सोहागपुर में उनकी जमीन का अधिग्रहण हो गया। इसके बारे में उन्हें किसी ने नोटिस तक नहीं भेजा।  
 
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सीडीएस जनरल रावत की पत्नी के भाई ने सोशल मीडिया पर यह फोटो शेयर किया है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत के भाई यशवर्धन सिंह मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रहते हैं। जब हेलीकॉप्टर हादसे में जनरल रावत और उनकी पत्नी शहीद हो गए तो यशवर्धन भी परिवार के साथ दिल्ली आ गए थे। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरा देश जनरल रावत के परिवार के साथ खड़ा था, तब यशवर्धन सिंह की सोहागपुर की जमीन पर सरकार ने बिना किसी नोटिस कब्जा कर लिया। यशवर्धन सिंह ने खुद ही यह बात सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। कांग्रेस ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। 
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दरअसल, जिस समय यशवर्धन सिंह दिल्ली में जनरल रावत और अपनी दीदी मधुलिका के अंतिम संस्कार में शामिल हो रहे थे, तभी सोहागपुर में यह सब हो गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि "जिस दिन जीजाजी जनरल बिपिन रावत व जिज्जी मधुलिका रावत का अग्नि संस्कार किया जा रहा था, उसी वक्त मौके का फायदा उठाते हुए शहडोल स्थित हमारे निजी परिसर से बिना अधिग्रहण अवैध रूप से समाधियों को नष्ट कर दिया गया। पेड़ों को काट दिया गया। यह सब नेशनल हाईवे के लिए किया गया। हमारे किसी हस्तक्षेप पर स्थानीय पुलिस को भी हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है। न्याय की दरकार है..."

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क्या है मामला
शहडोल के पास राजाबाग सोहागपुर में नेशनल हाईवे बन रहा है। सड़क से लगी निजी जमीन भी अधिग्रहित की जा रही है। यहां यशवर्धन सिंह की भी जमीन थी। यशवर्धन सिंह का आरोप है कि निजी जमीन का अधिग्रहण हुआ ही नहीं और उस पर सरकार ने कब्जा ले लिया। यशवर्धन का कहना है कि जब उनका परिवार दिल्ली में था, तब ठेकेदार मनोज दीक्षित का फोन आया था। उन्हें बताया कि मौके पर पहुंचें, वह निर्माण कार्य शुरू कर रहे हैं। दशहरे के समय कलेक्टर से जरूर बात हुई थी, पर उन्हें नहीं बताया गया था कि जमीन का अधिग्रहण होगा। उधर, कलेक्टर वंदना वैद्य ने कहा कि उनकी जानकारी में मामला आया है और वह तहसीलदार से जांच करा रही हैं।  

कांग्रेस ने की आलोचना
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव केके मिश्रा ने इस मामले में सरकार की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर यशवर्धन सिंह क पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- "लानत है प्रचार के उन भूखे भेड़ियों पर। जिस दिन सीडीएस बिपिन रावत जी की मौत हुई, उसी दिन उनके साले की निजी भूमि पर शहडोल (मप्र) में बिना किसी नोटिस बुलडोजर चला दिया! क्या कोई चाटुकार राष्ट्रभक्त, सेनानायक के इस घोर अपमान पर कुछ कहेगा या मैं ही गद्दार हूं?"  
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