दिग्विजय सिंह ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
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प्रदेश के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ग्वालियर में थे। वे नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के साथ पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। जब उनसे पीएफआई पर कार्रवाई से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो नफरत फैलाए, धार्मिक उन्माद फैलाए और हिंसा का माहौल बनाए ऐसे सभी संगठनों पर कार्रवाई होना चाहिए। इनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो संघ के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। विश्व हिंदू परिषद पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है, उन पर भी कार्रवाई होना चाहिए। जो नफरत फैलाता है वे एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने मोहन भागवत को पहली बार बधाई दी है और यह बधाई इसलिए दी है कि वे लीक से हटकर मदरसा और मस्जिद गए हैं। उन्होंने कहा कि जो मोहन भागवत मुस्लिम टोपी लगाने से कतराते थे। वे अब मदरसा और मस्जिद जा रहे हैं इसके लिए भारत जोड़ो यात्रा एक प्रमुख कारण है और यात्रा के 15 दिन में ही प्रभाव दिखाई देने लगा है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने मोहन भागवत से मांग की है कि वे अगर मुसलमानों को भरोसा दिलाना चाहते हैं तो सबसे पहले अखलाक के घर जाएं, बिलकिस बानो के घर भी जाएं.. जिनका बलात्कार किया गया और बलात्कारियों का सम्मान भी किया गया। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस अपनी विचारधारा से बदल रहा है। आरएसएस दशहरे पर शस्त्र पूजन करते आया है। हमारे एक एक्टिविस्ट ने थाने में कह दिया कि पता तो करो कि हथियारों के लाइसेंस हैं या नहीं। तो उन्होंने शस्त्र पूजा करना छोड़ दिया। इस बार दशहरे के पूजन का न्योता आया है, पर शस्त्र पूजन की बात नहीं है।