मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मंगलवार को राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा है कि जीवन को लयबद्ध और सुसंस्कृत बनाने के लिये कलाएं बहुत जरूरी हैं। राष्ट्र और समाज के निर्माण में कलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। खुशी की बात है राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय संगीत व कलाओं की जीवंत परंपराओं को बखूबी ढंग से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बाल्यकाल की शिक्षा दीक्षा में कलाओं को शामिल करने की पहल कर आंगनवाड़ी और प्राथमिक स्कूलों का मार्गदर्शन करें।
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि संगीत एवं कलाओं को बढ़ावा देने के लिए राजाश्रय जरूरी है। केन्द्र व राज्य सरकार यह काम पूरी शिद्दत के साथ कर रही है। दीक्षांत समारोह में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के शिक्षा सत्र 2018-19 एवं 2019-20 के 49 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 15 शोध छात्र-छात्राओं को शोध उपाधियां प्रदान की गईं।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने स्वर्ण पदक और शोध उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनायें देते हुए कहा कि आप सबने आज जो वचन लिया है, उसे जीवनभर निभाएं। साथ ही भविष्य में प्राप्त होने वाली उपलब्धियों के लिये अपने पालकों और गुरूजनों के प्रति सदैव आभारी रहें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन, बैजू बाबरा जैसे महान संगीतज्ञों की साधना स्थली, राजा मानसिंह तोमर जैसे संगीत और कला के संरक्षक और ऋषि गालव की पवित्र भूमि ग्वालियर देश ही नहीं पूरी दुनिया में विशिष्ट स्थान रखती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्वालियर को विश्व स्तर पर और ऊंचाईयां प्रदान करने में उनकी ओर से पूर्ण सहयोग मिलेगा।
राज्यपाल ने कहा कि हमारा देश विभिन्न संस्कृतियों वाला देश है। जिसकी हजारों वर्षों की सांस्कृतिक विरासत विश्व में एक अलग पहचान बनाती है। हमें गर्व है हमारा देश कलाओं की विविधता का एक अद्भुत स्वरूप प्रस्तुत करता है। भारतीय कला के विभिन्न रूप जीवन के सभी पक्षों अर्थात आध्यात्मिक और भौतिक अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तोमर ने कहा कि खुशी की बात है कि संगीत की नगरी ग्वालियर को गत 19 अगस्त 2008 को एक साथ राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की सौगात मिली थी। संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर की समृद्धशाली संगीत परंपरा को बखूबी ढ़ंग से आगे बढ़ाने में योगदान दे रहा है। मंत्री तोमर ने विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में सहयोग देने का आग्रह राज्यपाल से किया। केन्द्रीय मंत्री तोमर ने स्वर्ण पदक एवं उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनायें देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर प्रदेश की पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने स्वर्ण पदक व उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप सब भारतीय संस्कृति के उत्तराधिकारी हैं। साथ ही अतुल्य संस्कृति के संवाहक भी हैं, इसलिए भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारकर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को और ऊंचाईयां प्रदान करें।
विश्वविद्यालय की स्मारिका का किया विमोचन
राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं प्रदेश की पर्यटन व संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर सहित अन्य अतिथियों ने दीक्षांत समारोह में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया।