गुना जिले के धरनावदा इलाके में 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपये जुर्माना भी लगाया है। मामले में कोर्ट ने नाबालिग को 50 हजार रुपये की प्रतिकार राशि भी देने का आदेश दिया है। तीन वर्ष पुराने इस मामले में फैसला पॉक्सो मामलों की विशेष न्यायाधीश वर्षा शर्मा ने सुनाया। वहीं, शासन की ओर से पैरवी ADPO ममता दीक्षित ने की।
घटना के अनुसार मामला तीन साल पुराना है, जिसमें धरनावदा इलाके में रहने वाली एक 15 वर्षीय नाबालिग ने अपने माता-पिता के साथ धरनावदा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया था कि 15 अप्रैल 2020 की रात में करीब तीन बजे वह बाथरूम के लिए जीने से उतरकर नीचे वाले कमरे में गई। इसी दौरान आरोपी दीपक ओझा एकदम से कमरे में घुस आया और उससे धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी दीपक ओझा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने उसके साथ घटना के पहले भी दुष्कर्म किया था। उस समय वह प्रेग्नेंट हो गई थी। उस दौरान न्यायालय की अनुमति प्राप्त कर उसने गर्भपात कराया था। उसने बताया कि आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए थे।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी दीपक ओझा को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। कोर्ट ने आरोपी को 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा कोर्ट ने नाबालिग को 50 हजार रुपये की प्रतिकार राशि देने के भी आदेश दिए।