फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुना: 40 हजार रुपये के बदले आदिवासी परिवार को बनाया बंधक, मकान मालिक पर FIR दर्ज, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

Wed, 16 Sep 2026 10:28 AM IST
गुना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना

सार

सहरिया आदिवासी परिवार को कथित रूप से बंधक बनाकर मजदूरी कराने के मामले में अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। प्रशासन पहले परिवार को मुक्त करा चुका है। जांच के बाद श्रम विभाग की शिकायत पर मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विमुक्त कराया गया आदिवासी परिवार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले के राघौगढ़ क्षेत्र के अचलपुर गांव में सहरिया आदिवासी परिवार को बंधक बनाकर मजदूरी कराने के मामले में अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन की कार्रवाई के कई महीने बाद श्रम विभाग की शिकायत पर पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ बंधुआ मजदूरी उन्मूलन कानून के तहत प्रकरण दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।

विज्ञापन


मामले में हरनाम सहरिया, उनकी पत्नी उर्मिला और उनके चार बच्चों को प्रशासनिक टीम ने संबंधित स्थान से मुक्त कराया था। इसके बाद मामले की प्रशासनिक स्तर पर जांच की गई। एसडीएम राघौगढ़ के समक्ष परिवार के बयान दर्ज किए गए। उपलब्ध तथ्यों और बयानों के आधार पर प्रशासन ने दंपति को बंधुआ मजदूर मानते हुए उन्हें विमुक्ति प्रमाण पत्र जारी किया। परिवार को बंधक बनाए जाने की जानकारी शिकायत के जरिए प्रशासन तक पहुंची थी। बंधुआ मजदूरी के खिलाफ काम करने वाली राष्ट्रीय अभियान समिति के समन्वयक निर्मल गौराना ने कलेक्टर गुना को ई-मेल भेजकर अचलपुर गांव में हरनाम सहरिया और उनकी पत्नी उर्मिला को बंधक बनाकर मजदूरी कराने की शिकायत की थी।

ये भी पढ़ें: एमपी: सागर शराब कांड के बाद जागा विभाग, अब अवैध अहातों पर कार्रवाई, दोबारा घटना हुई तो अफसरों पर दर्ज होगा केस
विज्ञापन


शिकायत में अचलपुर निवासी गिरराज राजपूत उर्फ हुजूर पर परिवार को अपने घर पर रोककर रखने का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और परिवार को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कार्रवाई की। 9 फरवरी को सहायक श्रम पदाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम अचलपुर पहुंची। टीम ने बताए गए स्थान पर कार्रवाई करते हुए हरनाम, उर्मिला और उनके चार बच्चों को वहां से बाहर निकाला। इसके बाद परिवार को एसडीएम राघौगढ़ के समक्ष पेश किया गया, जहां उनके बयान दर्ज किए गए।

प्रशासनिक जांच में उपलब्ध साक्ष्यों और परिवार के बयानों के आधार पर दंपति को बंधुआ मजदूर माना गया। इसके बाद उन्हें विमुक्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया और परिवार को कथित बंधुआ श्रम से मुक्त कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद जिला श्रम निरीक्षक बिजेंद्र सिंह ने राघौगढ़ थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बंधित श्रम पद्धति (उत्सादन) अधिनियम, 1976 की धारा 16 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
विज्ञापन


एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी गिरराज राजपूत उर्फ हुजूर की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें