डिंडौरी जिले में दो अलग-अलग हादसों में तीन बच्चे बांध में डूब गए। इनमें से दो बच्चों की मौत हो गई है, जबकि एक 18 साल के लड़के की तलाश अब भी चल रही है। ये हादसे समनापुर और शाहपुरा थाना क्षेत्रों में हुए हैं। इन घटनाओं के बाद गांवों में दुख और शोक का माहौल है।
डिंडौरी जिले में दो अलग-अलग हादसों में तीन बच्चे बांध में डूब गए। इनमें से दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि एक 18 साल के युवक की तलाश अभी भी जारी है। ये हादसे समनापुर और शाहपुरा थाना क्षेत्रों में हुए हैं, जिससे गांवों में दुख और मातम का माहौल है।
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पहला हादसा समनापुर थाना के रनगांव बांध में हुआ। गांव के तीन बच्चे 7 साल का फग्गन सिंह, उसका भाई नंद कुमार और पड़ोस की लड़की शिवानी नहाने के लिए बांध में गए थे। नहाते वक्त अचानक उनका पैर फिसल गया और तीनों गहरे पानी में चले गए। बांध के पास बकरियां चरा रहा एक युवक बच्चों की चीख-पुकार सुनकर तुरंत पानी में कूद पड़ा। उसने बहादुरी दिखाते हुए नंद कुमार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन फग्गन और शिवानी को नहीं बचा सका। दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक छा गया है।
दूसरा हादसा शाहपुरा थाना क्षेत्र के बिलगढ़ा बांध में हुआ। यहां बंजर टोला गांव का 18 साल का युवक अभिषेक नहाने के लिए बांध गया था। अंदाजा लगाया जा रहा है कि नहाते वक्त उसे पानी की गहराई का सही पता नहीं चला और वह डूब गया। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने गांववालों को बताया। इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर तलाश शुरू की और पुलिस को भी सूचना दी गई। थाना प्रभारी अनुराग जामदार की अगुवाई में पुलिस और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक अभिषेक का कोई पता नहीं चल पाया है।
इन दोनों घटनाओं ने गांव और जिला प्रशासन को हिला कर रख दिया है। प्रशासन ने अब बांधों के पास चेतावनी बोर्ड लगाने और निगरानी बढ़ाने की बात कही है। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि नहाने के लिए सुरक्षित घाट बनाए जाएं और बच्चों को जल सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाए।