ज्ञापन सौंपते कांग्रेस के कार्यकर्ता
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इंदौर के भागीरथपुरा में हुए हादसे के बाद भी धार नगर पालिका प्रशासन शहर में बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है। इसे लेकर कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम संजीव कुमार पांडे को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की है। इस दौरान शरद चौरसिया, करीम कुरैशी, मनीष भार्गव, बंटी डोड सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
हादसा लापरवाही का परिणाम
कांग्रेस प्रवक्ता अजयसिंह ठाकुर ने कहा कि इंदौर में नर्मदा जल में सीवरेज का पानी मिलने से भागीरथपुरा क्षेत्र में 17 लोगों की आकस्मिक मृत्यु हुई, जो सीधे तौर पर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इसी तरह धार नगर में भी वर्षों से अत्यंत गंदा, बदबूदार और कीड़ेयुक्त पानी सप्लाई किया जा रहा है। इस संबंध में आम जनता और जनप्रतिनिधियों ने कई बार नगर पालिका अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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वर्षों से नहीं हुई जांच
ठाकुर ने बताया कि 50 हजार से एक लाख की आबादी वाले नगरीय क्षेत्रों में प्रत्येक 10 दिन में फिल्टर प्लांट की जांच अनिवार्य है, लेकिन वर्ष 2024 के बाद पिछले दो वर्षों से किसी प्रकार की जांच नहीं कराई गई। नगर पालिका के पास न तो अनुभवी स्वास्थ्य अधिकारी हैं और न ही केमिस्ट। नगर में बनी पानी की टंकियों की आज तक सफाई नहीं कराई गई है, जिनमें भारी मात्रा में गाद जमा है। उन्होंने टंकियों की जांच कर तत्काल सफाई की मांग की।
पुरानी पाइपलाइन बनी खतरा
कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि पिछले एक वर्ष तक फिल्टर प्लांट बंद रहा, जिसकी भी जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई है। नगर में करीब 60 प्रतिशत पानी की पाइपलाइन पुरानी और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है, जिसे तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में मानकों को ताक पर रखकर पाइपलाइन बिछाई गई, जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।