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Dhar: दो करोड़ की धोखाधड़ी पर कोर्ट का सख्त फैसला, आरोपी को दी उम्रकैद की सजा; 1.97 करोड़ का जुर्माना भी लगाया

Thu, 12 Mar 2026 06:38 PM IST
धार ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

धार की अदालत ने करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए निजी कंपनी के पूर्व सीनियर अकाउंट मैनेजर राघव राजपूत को आजीवन कारावास और 1.97 करोड़ रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पढ़ें पूरी खबर
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धोखाधड़ी पर कोर्ट का फैसला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में धार की अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए निजी कंपनी में सीनियर अकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत रहे राघव पिता श्रीराम राजपूत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 1 करोड़ 97 लाख 73 हजार 717 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। धोखाधड़ी के मामलों में यह संभवतः पहला प्रकरण है, जिसमें अदालत ने इतनी बड़ी राशि सीधे आरोपी से वसूलने के निर्देश दिए हैं।

यह था मामला

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अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक शरद कुमार पुरोहित ने बताया कि औद्योगिक नगरी पीथमपुर स्थित मेसर्स शक्ति इरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड में आरोपी राघव राजपूत वर्ष 2017 से सीनियर अकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोपी ने वर्ष 2021 से 2022 के बीच अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कंपनी के खाते से जिन वेंडरों को भुगतान किया जाना था, उन्हें भुगतान नहीं किया और वह राशि अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर ली। इस तरह उसने कंपनी को करीब 2 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

धार जिले में कंपनी की ऑडिट टीम द्वारा जब लेन-देन की जांच की गई तो यह गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को मामले की जानकारी दी गई। शक्ति इरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड के विधिक सलाहकार ने आरोपी राघव राजपूत के खिलाफ थाना पीथमपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

लैपटॉप और मोबाइल जब्त
कंपनी के अनुसार सीनियर अकाउंट मैनेजर होने के कारण राघव राजपूत को कंपनी के सभी वित्तीय लेन-देन का अधिकार दिया गया था। आरोपी ने जून 2021 से मनमाने तरीके से कंपनी के पैसों का उपयोग किया और आपराधिक न्यास भंग करते हुए वेंडरों को भुगतान करने के बजाय बिना अनुमति राशि अपने एसबीआई और एचडीएफसी बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली। इससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान कंपनी का लैपटॉप, आरोपी का मोबाइल फोन और कंपनी व आरोपी के बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए। साथ ही कंपनी में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए।

ऑनलाइन गेमिंग में उड़ाए पैसे

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अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक शरद कुमार पुरोहित ने बताया कि विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अपर सत्र न्यायाधीश धार की अदालत में शासन की ओर से 17 साक्षियों के बयान, 88 दस्तावेजी साक्ष्य और जब्त किए गए आर्टिकल पेश किए गए।

अभियोजन की ओर से कंपनी के विधिक सलाहकार, कंपनी के एमडी तथा पीथमपुर और इंदौर स्थित बैंकों के अधिकारियों के बयान भी दर्ज कराए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी ने धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग और अपने निजी बैंक खातों के लोन चुकाने में किया। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी राघव राजपूत को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 1 करोड़ 97 लाख 73 हजार 717 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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