धार स्थित प्रधान डाकघर में शासकीय योजनाओं की राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में फरार निलंबित डिप्टी पोस्टमास्टर निर्मलसिंह पंवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सूचना मिली थी कि वह गुजरात भागने की फिराक में था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश करने पर तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है।
निर्मलसिंह पंवार धार में डिप्टी पोस्टमास्टर के पद पर पदस्थ था। गड़बड़ी सामने आने पर विभाग ने दो माह पूर्व उसे निलंबित कर दिया था। आरोप है कि फिनेकल सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग कर शासकीय योजनाओं, विशेषकर लाड़ली लक्ष्मी योजना की पूर्व में भुगतान की गई राशि को दोबारा नगद आहरित किया गया। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है।
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ऐसे समझें मामला
इंदौर नगरेतर संभाग के डाक अधीक्षक द्वारा विभागीय जांच में अनियमितताएं सत्य पाई गईं। इसके आधार पर नौगांव थाने में निर्मलसिंह पंवार, निलंबित पोस्टमास्टर कुणाल मकवाना और डाक सहायक नेपालसिंह गुडिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि 1 मार्च से दिसंबर 2025 के बीच एनएससी (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) के मूल प्रमाणपत्रों को फिनेकल सॉफ्टवेयर में अनफ्रीज कर नगद भुगतान लिया गया। ये प्रमाणपत्र लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत जारी हुए थे।
13 वर्ष पुराने प्रमाणपत्रों का दुरुपयोग
निसरपुर उपडाकघर से वर्ष 2013 में जारी प्रमाणपत्र, जो डिस्चार्ज के बाद प्रधान डाकघर धार में सुरक्षित रखे गए थे, उन्हें अनधिकृत रूप से ट्रांसफर कर दोबारा भुगतान लिया गया। लगभग 3,57,021 रुपये की शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया। इसके अतिरिक्त 23 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में अनाधिकृत समायोजन कर गबन किए गए। कुल मिलाकर 35 लाख 68 हजार रुपये के गबन का मामला दर्ज हुआ।
थाना प्रभारी हिरुसिंह रावत ने बताया कि पोस्टमास्टर कुणाल मकवाना को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि निर्मलसिंह पंवार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।