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Dhar Bhojshala: बसंत पंचमी और जुम्मे की नमाज, सरकार के लिए परीक्षा की घड़ी; ड्रोन व भारी पुलिस बल तैनात

Mon, 19 Jan 2026 09:25 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

वर्षों पुराने भोजशाला विवाद के बीच इस बार फिर वसंत पंचमी और जुमे की नमाज का संयोग एक साथ आ रहा है। इतिहास के पन्नों पर दर्ज 2006, 2012 और 2016 के विवादों को देखते हुए प्रशासन इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
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भोजशाला धार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इस बार फिर बसंत पंचमी शुक्रवार को है। प्रशासन के सामने इस दिन दिनभर सरस्वती पूजन और नमाज अदा कराना प्रशासन की परीक्षा की घड़ी है। जब भी इस तरह के हालात बने, हमेशा धार में विवाद हुआ। आंसू गैस के गोले चले, पथराव,लाठीचार्ज के बगैर शुक्रवार नहीं बीता। इस बार प्रशासन ने आठ हजार का पुलिस बल धार में तैनात किया है। ड्रोन से निगरानी हो रही है। भोजशाला को छह सेक्टरों में बांटा गया है। 21 जनवरी से धार के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात होगी। नमाज और पूजा शांति से संपन्न हो जाए। इस बार दोनो ही समुदाय धार में अपनी ताकत दिखा रहे है। बसंत पंचमी के पहले आए शुक्रवार को तीन हजार से ज्यादा मुस्लिम समाज के लोग भोजशाला में नमाज अदा करने पहुंचे, जबकि हिन्दू समाज भी बसंत पंचमी को होने वाले पूजन के लगातार यात्राएं निकाल रही है।

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तीन बार बिगड़े हालात

धार में साल 2006, 2012 और 2016 में शुक्रवार को वसंत पंचमी आई तो विवाद की स्थिति बनी। वसंत पंचमी पर हिंदू पक्ष को पूजा जबकि शुक्रवार होने से मुस्लिमों को नमाज की अनुमति है। ऐसे में वसंत पंचमी शुक्रवार को आने पर समझाइश के बीच पूजा और नमाज दोनों करवाए जाते हैं। पिछली बार वर्ष 2016 में जब भोजशाला समिति का जुलूस भोजशाला के गेट पर पहुंचा तो अफसरों ने गेट खुलावा दिए थे, उधर तय संख्या में नजाम भी मुस्लिम समाज के लोगों से अदा करवा दी गई। तब भी तनातनी की स्थिति बनी थी।

ये भी पढ़ें: सरस्वती की साधना बनाम शुक्रवार की नमाज, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती; क्या कहता है इतिहास?

सीमाएं होगी सील
बसंत पंचमी पर धार पुलिस छावनी में तब्दील होगा। धार शहर की सीमाएं सील होगी। आने वाले को जांच के बगैर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। धार में अतिरिक्त पुलिस बल 27 जनवरी तक तैनात रहेगा। मंगलवार सुबह पुलिस बल धार पहुंच जाएगा। सीआरपीएस के आठ हजार जवान भोजशाला के आसपास तैनात रहेंगे।

अखंड पूजा में बाधा न हो

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बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक देवी सरस्वती की पूजा और हवन होगा। भोजशाला को सजाया जाएगा। हमारी पूजा खंडित नहीं होना चाहिए। इसकी व्यवस्था प्रशासन करें।- सुरेश जलोदिया, महाराज भोज स्मृति बसंतोत्सव समिति

हम शांति चाहते है
आदेश के तहत हमें हर शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति है। हम धार में शांति चाहते है और अफसरों से हमारा आग्रह है कि समाजजनों को सुरक्षा प्रदान की जाए,ताकि वे निर्विघ्न रुप से नमाज अदा कर सके। -जुल्फिकार पठान, सदर
कमाल मौला मस्जिद नमाज इंतजामिया कमेटी

कोर्ट में भी है मामला

धार का भोजशाला विवाद सदियों पुराना है। जब भी शुक्रवार को वसंत पंचमी आती है,विवाद चर्चा में आ जाता है। यहां कई बार सांप्रदायिक माहौल भी गर्म हो चुका है। पुरात्व विभाग की तरफ से भोजशाला में मंगलवार और वसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा करने की इजाजत है और शुक्रवार के दिन नमाज पढ़ने की। अब हिंदू पक्ष ने मांग की है कि यहां नमाज को बंद किया जाए और पूरा परिसर हिंदुओं के हवाले किया जाए।

दूसरी तरफ मुस्लिम समाज का कहना है कि सैकड़ों वर्षों से कमल मौला मस्जिद बनी हुई है और समाज हर शुक्रवार नमाज अदा करता है। इसे लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं लगी है। कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने भोजशाला परिसर का सर्वे भी कराया है।

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