फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dhar News: ब्रिक्स देशों के 170 विदेशी मेहमानों ने देखा मांडू का वैभव, भगोरिया नृत्य पर जमकर थिरके प्रतिनिधि

Sat, 13 Jun 2026 10:10 AM IST
धार ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

धार की नगरी मांडू में ब्रिक्स देशों के 170 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों का पारंपरिक भारतीय रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। मेहमानों ने जहाज महल, बाग प्रिंट कला, मांडू की ऐतिहासिक धरोहरों और मालवा के सांस्कृतिक वैभव का अनुभव किया।
विज्ञापन
विदेशी मेहमानों ने देखा मांडू का वैभव। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विज्ञापन


धार की एतिहासिक एवं पर्यटन नगरी मांडू शुक्रवार को उस समय वैश्विक संस्कृति के रंग में रंग गई, जब ब्रिक्स (BRICS) देशों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यहां भ्रमण किया। लगभग 170 विदेशी अतिथियों के इस दल ने मांडू की ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन किया और भारतीय आतिथ्य परंपरा का अनुभव किया।

बीती दोपहर जैसे ही ब्रिक्स देशों का प्रतिनिधिमंडल प्रसिद्ध जहाज महल पहुंचा, पूरा परिसर अतिथि देवो भव के जयघोष से गूंज उठा। आजीविका समूह की महिलाओं ने विदेशी अतिथियों का अक्षत-तिलक लगाकर और आरती उतारकर स्वागत किया। मुख्य द्वार पर स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्यों ने मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विशेष रूप से आदिवासी लोक संस्कृति के प्रतीक 'भगोरिया नृत्य दल' ने जब मादल की थाप पर प्रस्तुति दी, तो विदेशी मेहमान भी स्वयं को रोक नहीं पाए और कलाकारों के साथ कदम से कदम मिलाकर थिरकते नजर आए।

जिले की पहचान बाग प्रिंट स्टॉल का किया अवलोकन
जहाज महल के मुख्य द्वार पर आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा बाग प्रिंट का स्टॉल लगाया गया था। ब्रिक्स देशों से आए विदेशी मेहमानों ने जिले की पहचान माने जाने वाले बाग प्रिंट उत्पादों का अवलोकन किया। स्टॉल संचालकों ने उन्हें हस्तशिल्प कला से तैयार बाग प्रिंट की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर दिखाया। इसके बाद कई मेहमानों ने स्वयं भी बाग प्रिंट के सांचों से डिजाइन तैयार किए। विदेशी प्रतिनिधियों ने शिल्पकारों की इस कला की सराहना की। इस अवसर पर शिल्पकारों ने उन्हें बाग प्रिंट से निर्मित उत्पाद भेंट किए।

500 वर्ष पुरानी जल प्रबंधन प्रणाली के बारे में जाना

विज्ञापन

विदेशी मेहमानों ने सर्वप्रथम जहाज महल का अवलोकन कर उसकी अद्भुत वास्तुकला की प्रशंसा की। मूंज और कपूर तालाब के बीच स्थित इस महल को देखकर सभी सदस्य आश्चर्यचकित रह गए। अधिकृत पुरातत्व गाइड ने बताया कि मानसून के दौरान चारों ओर पानी से घिर जाने पर यह महल किसी जहाज की तरह दिखाई देता है।

प्रतिनिधिमंडल को मांडू की लगभग 500 वर्ष पुरानी जल प्रबंधन प्रणाली की जानकारी भी दी गई, जिसकी सभी प्रतिनिधियों ने मुक्तकंठ से सराहना की। जहाज महल परिसर स्थित संरक्षण प्रयोगशाला में विदेशी मेहमानों ने पारंपरिक तरीके से तैयार किए जाने वाले मोर्टार को देखा और उसकी निर्माण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।

अधिकारियों ने बताया कि यह मोर्टार टूटी हुई ईंट, गोंद, कैथ (कबिट), मेथी दाना और उड़द दाल जैसी सामग्रियों से पारंपरिक पद्धति से तैयार किया जाता है। इसका उपयोग ऐतिहासिक महलों और इमारतों की दीवारों को मजबूत बनाने में किया जाता है।

ये भी पढ़ें- MP: युवक ने खुद के अपहरण की रची साजिश, पिता से मांगी एक लाख रुपये की फिरौती; ढाई घंटे में खेल हुआ खत्म

लाइट एंड साउंड शो का उठाया लुत्फ

विज्ञापन

जहाज महल में प्रवेश के बाद अधिकृत टूरिस्ट गाइड्स ने विदेशी मेहमानों को मांडू के गौरवशाली इतिहास और स्थापत्य कला की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद जहाज महल परिसर में विशेष आकर्षण के रूप में प्राचीर पर भव्य 'लाइट एंड साउंड शो' का आयोजन किया गया।

इस शो में मांडू के इतिहास, सुल्तानों के शासनकाल से लेकर राजा भोज तक की ऐतिहासिक गाथा को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। शाम के समय रोशनी से सजी जहाज महल की प्राचीर बेहद भव्य और मनमोहक दिखाई दी।

 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सम्मान में एक गाला डिनर का आयोजन किया गया। इसमें मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाटी, दाल-पानिया सहित विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। विदेशी मेहमानों ने इन विशेष व्यंजनों का स्वाद लिया और संगीत कार्यक्रम का भी आनंद उठाया।
 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें