आजाद समाज पार्टी की प्रस्तावित संकल्प यात्रा को प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने के बाद गोराघाट क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। अनुमति निरस्त होने के बावजूद बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता गोराघाट पहुंच गए और आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। इस दौरान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स हटाने की कोशिश को लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
जानकारी के अनुसार आजाद समाज पार्टी की ओर से गोराघाट क्षेत्र में संकल्प यात्रा और सभा आयोजित करने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। इसी दिन सवर्ण समाज पार्टी ने भी उसी क्षेत्र में रैली आयोजित करने की अनुमति के लिए आवेदन दिया था। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए दोनों दलों को कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
तीखी नोकझोंक धक्का-मुक्की में बदल गई
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन से पानी छोड़ा। इसके बाद मौके पर मौजूद कई कार्यकर्ता पीछे हट गए, जबकि कुछ कार्यकर्ता पुलिस कार्रवाई का विरोध करते रहे। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव सहित करीब 100 लोगों को हिरासत में ले लिया।
उधर सवर्ण समाज पार्टी के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही एहतियातन कदम उठाए थे। सवर्ण समाज से जुड़े कुछ नेताओं को असनई के पास नजरबंद कर दिया गया था, ताकि वे गोराघाट क्षेत्र तक न पहुंच सकें और किसी तरह की टकराव की स्थिति न बने।
पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही
एडिशनल एसपी सुनील शिवहरे ने बताया कि ग्वालियर हाईकोर्ट के निर्देश हैं कि जब तक प्रकरण का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक किसी को भी कानून-व्यवस्था हाथ में लेने की अनुमति नहीं है और किसी भी प्रकार की परमिशन नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संकल्प यात्रा में आ रहे लोगों को पहले ही बता दिया गया था कि उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद लोग नहीं माने, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया।