दतिया जिले के बड़ौनी थाना क्षेत्र के भैंसा सुनारी गांव में रविवार दोपहर एक हृदय विदारक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। खेलते-खेलते महुअर नदी किनारे पहुंचे दो मासूम सगे भाई-बहन की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद सिद्धपुरा इलाके में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार भैंसा सुनारी के सिद्धपुरा में रहने वाले महेश केवट के सात वर्षीय बेटे सुमित केवट और पांच वर्षीय बेटी ज्योतिष केवट रविवार दोपहर करीब 12 बजे घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे। खेल-खेल में सभी बच्चे गांव से सटी महुअर नदी के किनारे पहुंच गए। नदी किनारे काई जमी होने से फिसलन थी और अचानक गहराई ज्यादा थी। इसी दौरान सुमित और ज्योतिष का पैर फिसल गया और दोनों गहरे पानी में समा गए।
ये भी पढ़ें-
ये कैसा लालच: आशा कार्यकर्ता ने दो लाख में बेच दिया, नाबालिग ने 15 साल बाद लौटकर सुनाई रुला देने वाली हकीकत
बच्चों को डूबता देख साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़े और कूदकर दोनों को पानी से बाहर निकाला। परिजनों को सूचना देकर बेहोशी की हालत में दोनों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद सुमित और ज्योतिष को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
हादसे के वक्त बच्चों के माता-पिता घर पर नहीं थे। महेश केवट और उनकी पत्नी रिश्तेदारी में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दतिया शहर बाजार में खरीदारी करने गए थे। दोनों बच्चों को दादा-दादी के भरोसे छोड़ गए थे। दोपहर करीब 1 बजे फोन पर हादसे की सूचना मिली तो दोनों बदहवास हालत में गांव पहुंचे। घर में दोनों बच्चों के शव देखकर माता-पिता बेसुध हो गए। पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही बड़ौनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा प्रतीत हो रहा है। मर्ग कायम कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुमित गांव के प्राथमिक स्कूल में कक्षा दो का छात्र था, जबकि ज्योतिष आंगनबाड़ी जाती थी। एक साथ दो बच्चों की मौत से केवट परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने बताया कि महुअर नदी का यह घाट काफी गहरा है और किनारे पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
गांव में एक साथ दो अर्थियां उठने से हर आंख नम है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।