राजघराने के गोविंद देव ने थामा भाजपा का दामन
दतिया उपचुनाव से ठीक पहले सियासी समीकरणों में बड़ा उलटफेर हुआ है। राजपरिवार के एक प्रमुख सदस्य महाराजा गोविंद देव ने शनिवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके इस कदम से दतिया की राजनीति में नई हलचल मच गई है। भाजपा के कार्यालय में आयोजित एक छोटे कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने महाराजा गोविंद देव को पार्टी का गमछा पहनाकर सदस्यता दिलाई। मंच पर वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। गमछा पहनते ही महाराजा के समर्थन में जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे गूंजे।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि गोविंद देव पिछले कुछ समय से भाजपा के संपर्क में थे और उपचुनाव को देखते हुए उन्होंने विधिवत रूप से पार्टी ज्वाइन करने का फैसला लिया। दतिया का राजपरिवार हमेशा से यहां की राजनीति का केंद्र रहा है। इस बार उपचुनाव में कांग्रेस ने राजपरिवार के ही कुंवर घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। अब उसी परिवार से महाराजा गोविंद देव के भाजपा में आने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। एक तरफ कांग्रेस का प्रत्याशी, दूसरी तरफ भाजपा के साथ खड़ा राजपरिवार का दूसरा बड़ा नाम। दतिया में राजपरिवार का सामाजिक प्रभाव आज भी मजबूत माना जाता है। महाराजा गोविंद देव के पार्टी में आने से भाजपा को शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई नैतिक ताकत मिली है।
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भाजपा नेताओं का मानना है कि इससे पार्टी को पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ उन मतदाताओं का भरोसा भी मिलेगा जो राजपरिवार से जुड़ाव रखते हैं। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि महाराजा साहब का भाजपा परिवार में स्वागत है। उनके आने से संगठन को मजबूती मिलेगी और दतिया में कमल और अधिक खिलेगा।
कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को मैदान में उतारकर राजपरिवार के नाम पर वोट साधने की रणनीति बनाई थी। लेकिन अब गोविंद देव के भाजपा में आने से वह समीकरण बिगड़ता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक गोविंद देव के समर्थन से भाजपा राजपरिवार से जुड़े कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी अपने साथ लाने की तैयारी में है। सदस्यता के बाद महाराजा गोविंद देव ने कहा कि वे दतिया के विकास और जनता की सेवा के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं। दतिया में 30 जुलाई को मतदान होना है।