आरोपियों को न्यायालय ले जाती पुलिस
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दमोह कोतवाली पुलिस ने वन विभाग डिपो क्षेत्र में हुई बुजुर्ग जगदीश विश्वकर्मा की हत्या का दो दिन में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अवैध शराब बेचने वाली एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। हत्या का कारण रुपयों के लेन-देन को लेकर हुआ विवाद बताया गया है।
हत्या की रात क्या हुआ था?
सीएसपी अभिषेक तिवारी ने बताया कि शनिवार सुबह वन विभाग के शासकीय डिपो में जगदीश विश्वकर्मा का शव मिला था। घटनास्थल सुनसान इलाका था। मृतक के बेटे योगेश विश्वकर्मा की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और दिनेश कुचबंदिया (22), आनंद मुड़ा (39) और नारंगी बाई कुचबंदिया (35) को हिरासत में लिया।
पूछताछ में सामने आया कि घटना की रात जगदीश विश्वकर्मा नारंगी कुचबंदिया के पास देसी महुआ शराब पीने गया था। इसी दौरान पैसों के पुराने लेन-देन को लेकर विवाद हुआ, जो बढ़कर गाली-गलौज तक पहुंच गया। झगड़े में नारंगी कुचबंदिया, उसका देवर विनोद कुचबंदिया और ग्राहक दिलीप मुड़ा शामिल हो गए। शराब के नशे में धुत तीनों ने चाकू से हमला कर बुजुर्ग की हत्या कर दी।
पहचान छिपाने के लिए चेहरा बिगाड़ा
हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक की पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे पर कई वार किए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अवैध शराब कारोबार पर सवाल
गौरतलब है कि जिस स्थान पर यह हत्या हुई, वहां अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने का कारोबार चलता है। इस धंधे में कुचबंदिया समाज की महिलाएं भी शामिल रहती हैं। पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा कई बार कार्रवाई की जाती है, लेकिन अवैध शराब व्यापार बंद नहीं होता। महिला आरोपी पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।