दमोह जिले के तेंदुखेड़ा ब्लॉक में बोर्ड परीक्षा में छात्रों को परीक्षा केंद्र पर तख्ती ले जाने की अनुमति नहीं थी, जिससे उन्हें पेपर देते समय टूटी टेबल पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अमर उजाला ने छात्रों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया और अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर मंगलवार से छात्रों को तख्ती ले जाने की अनुमति दे दी। छात्रों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने पूरे उत्साह के साथ पेपर दिया।
दरअसल, तेंदुखेड़ा नगर के तीन परीक्षा केंद्रों में छात्रों को तख्ती लाने पर केंद्र प्रभारियों ने प्रतिबंध लगा दिया था। जबकि पिछले साल तक यह प्रतिबंध नहीं था। छात्रों को डेस्क पर पेपर देने में परेशानी हुई। उन्होंने इसकी जानकारी घर पहुंचकर अपने परिजनों को दी। छात्रों ने बताया कि परीक्षा केंद्र में कई टेबल कंडम हालत में हैं। पेपर लिखने में हिलते हैं। इसलिए पेपर करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ छात्रों ने इसकी शिकायत परीक्षा में ड्यूटी पर मौजूद शिक्षकों से की थी। उसके बाद टेबलों में सुधार कराया गया, लेकिन उसमें दस से पंद्रह मिनट लग गए थे, जिससे छात्रों का समय खराब हुआ। मंगलवार को कक्षा बारहवीं का पेपर था, जिनमें छात्रों को तख्ती लाने पर छूट दे दी गई और उन्होंने बड़े उत्साह से तख्ती के सहारे पेपर हल किया।
उत्साह में दिखी छात्राएं
परीक्षा केंद्र में तख्ती ले जाने की जानकारी लगने के बाद कई छात्रों ने तत्काल अपने परिजनों से पेपर आरंभ होने के पूर्व ही तख्ती मंगवा ली थी और तख्ती के साथ पेपर दिया। छात्राओं ने बताया कि आज भी परीक्षा केंद्र में कई टेबिल ऐसे हैं, जो पेपर लिखने में हिलते हैं। शिक्षकों से शिकायत करते हैं, लेकिन उनके पास भी कोई संतुष्ट जबाव नहीं मिलता। लेकिन तख्ती के साथ पेपर देने मिला बहुत अच्छा लगा। कई छात्राओं ने बताया पिछले साल तक उनको डेस्क तो मिलते थे, लेकिन वह तख्ती के सहारे लिखती थीं। लेकिन इस साल परीक्षा केंद्र में तख्ती के अभाव में उनको उत्तर पुस्तिका भरने में परेशानी हुई। मंगलवार से तख्ती के साथ पेपर देने मिला बहुत अच्छा लगा।
ये बोली छात्राएं
राशि परिहार ने बताया, तख्ती पूरी तरह नई होती थी। उसके बाद भी केंद्र प्रभारी प्रतिबंध लगा रहे थे। जबकि उनको जो टेबल मिली थी, वह कमजोर थी। मंगलवार के पेपर में तख्ती मिली बहुत अच्छा लगा। फिजिक्स का पेपर था, जिसको तख्ती के साथ हल करने का मौका मिला, मुझे बहुत अच्छा लगा। जिया अहिरवार ने बताया, तख्ती पर पेपर करने मिला बहुत अच्छा लगा। क्योंकि पूरे वर्ष स्कूल और घरों में लिखाई करते समय टेबल के साथ तख्ती का उपयोग करते थे। तख्ती पर प्रतिबंध को लेकर जानकारी लेने पर पता चला तख्तियां परीक्षा केंद्र में न ले जाने का कोई लिखित आदेश नहीं आया था।
खुश होकर पेपर देकर निकलती छात्राएं