दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में एक महिला बैंक कर्मी से 42 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई थी। इसी मामले में पुलिस ने करीब आधा दर्जन गांव के संदेहियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी तो उन्हें छोड़ दिया गया। इन दिनों साइबर फ्राड की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसको देखते हुए पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली की हटा एवं आसपास के गांव के एक दर्जन से अधिक लोगों द्वारा संगठित होकर साइबर ठगी की जा रही है।
जानकारी लगते ही हटा मडियादो, बरौदा, टिकरिया, खैरी, बगा और भरौटा आदि गांव के एक दर्जन से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। इसमें कुछ नाबालिग लड़के भी शामिल थे। पुलिस ने सभी से अलग-अलग करीब तीन दिनों तक पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने पर सभी को छोड़ दिया गया। इस पूछताछ के बाद सभी गांव में लोग कई प्रकार की बातें कह रहे हैं। क्योंकि ग्रामीणों को किसी अपराध के बारे में जानकारी ही नहीं है। गांव में पुलिस के पहुंचने पर लोग दहशत में जरूर आ जाते हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस ने किसकी निशानदेही पर एक साथ एक दर्जन से अधिक लोगों को एक के बाद एक उठाया यह सवाल अब भी बना हुआ है। बता दें कि इन लोगों के खातों में साइबर ठगी के रुपये ट्रांसफर होते थे एवं यह सभी अपनी कमीशन की राशि काटकर किसी एजेंट को दे देते थे।
हटा टीआई धर्मेंद्र उपाध्याय का कहना है कि चार लोगों से पूछताछ की है। बैंक महिला कर्मचारी से 42 लाख रुपये ट्रेडिंग मामले में ठगी होने पर पूछताछ के लिए लाया गया। कुछ नाबालिग थे, जिनकी 12वीं की परीक्षा चल रही है। इसलिए छोड़ दिया। आगे कार्रवाई जारी है, सभी की डिटेल निकलवा रहे हैं।