फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Damoh: तीन महीने के लिए बंद हो गया नोरादेही अभ्यारण, अब घूमने नहीं आ सकेंगे पर्यटक, एक अक्टूबर से खुलेगा

Mon, 01 Jul 2024 10:23 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

Damoh: एक जुलाई सोमवार से तीन महीने के अन्य टाइगर रिजर्व की तरह ही रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व का नोरादेही अभ्यारण भी सैलानियों के लिए बंद हो गया और एक अक्टूबर को यह खोला जाएगा। नोरादेही अभ्यारण दमोह, सागर नरसिंहपुर जिले की सीमाओं में फैला है। जहां बड़ी संख्या में बाघ और अन्य जंगली जानवर हैं।
विज्ञापन
नौरादेही की बाघिन कजरी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक जुलाई सोमवार से तीन महीने के अन्य टाइगर रिजर्व की तरह ही रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व का नोरादेही अभ्यारण भी सैलानियों के लिए बंद हो गया और एक अक्टूबर को यह खोला जाएगा। नोरादेही अभ्यारण दमोह, सागर नरसिंहपुर जिले की सीमाओं में फैला है। जहां बड़ी संख्या में बाघ और अन्य जंगली जानवर हैं।
विज्ञापन


यह तीन महीने जंगली जानवरों की मेटिंग का समय रहता है और जंगल में कीचड़ भी हो जाता है, इसलिए सैलानियों की आवाजाही बंद कर दी जाती है। नोरादेही टाइगर रिजर्व का हिस्सा जरूर बन गया है, लेकिन सुविधाएं न होने से पूरे साल सैलानी यहां सीमित संख्या में पहुंचे। लोगों का कहना है कि टाइगर रिजर्व केवल राजपत्र तक सीमित रह गया सुविधाएं नहीं मिल रही।

2018 में पहली बार आए बाघ
नोरादेही अभ्यारण की स्थापना 1975 में हुई थी। पूर्व में यह अभ्यारण भेडियो के नाम से प्रसिद्ध था। 2018 में यहां बाघ बाघिन का जोड़ा लाया गया, उसके बाद आज तक लगातार बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछले छह साल में यहां बड़ी संख्या में बाघ बड़े हैं। हालांकि स्पष्ट रूप से कोई बाघों की संख्या नही बता पा रहा, लेकिन 20 बाघ यहां बताए जाते हैं, जिसमें दो मार्च महीने में ही आए हैं और 18 एक ही परिवार का हिस्सा हैं। सबसे बड़ी बात यह है जीतने भी शावकों ने जन्म लिया वह पूर्ण रूप से सुरक्षित होकर वयस्क बने हैं।
विज्ञापन


टाइगर रिजर्व का नहीं हुआ प्रचार प्रसार
रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नोरदेही अभ्यारण से लगे दूसरे जिले या दूसरे गांव में इसकी खूबियों का कोई प्रचार प्रसार नहीं किया गया, इसके कारण भी सैलानी यहां नहीं पहुंचे। पिछले वर्ष भी अन्य वर्षों की तरह एक अक्टूबर से नोरादेही अभ्यारण पर्यटकों के लिए खुला था। अन्य जगह के साथ दमोह जिले के तेंदूखेड़ा नगर से भी पहली शिफ्ट में कई युवा यहां की सैर करने पहुंचे थे, लेकिन वहां कोई बड़ा जानवर उनको नहीं दिखा। केवल हिरन, नीलगाय, मगरमच्छ ही तक ही सिमित होकर वह वापस लौट आये। उसके बाद जब उन्होंने इसकी जानकारी नगर के लोगों को दी तो आगे से कोई अभ्यारण घूमने नहीं पहुंचा जबकि तेंदूखेड़ा नौरादेही से लगा है।

तेंदूखेड़ा निवासी कमलेश साहू, पवन यादव ने बताया कि पिछले कुछ महीने पहले हमलोग नोरादेही घूमने गये थे। वहां जानकारी देने बाला कोई गाइड नहीं था। एक जिप्सी का ड्राइवर और एक गार्ड हम लोगों को घुमाने ले गया। वहां हमे केवल एक हिरन पूरे भ्रमण के दौरान दिखा। वहीं शुभम बाघबार ने बताया की जिस जगह पर नोरादेही में भ्रमण कराया जाता है। वहां हिरन, नीलगाय और नदी में बैठे मगरमच्छ दिखाई दिए। इसके अलावा वहां पर और कोई जानवर दिखाई नहीं दिया है।

मोहित श्रीवास्तव ने बताया कि हम लोग बाघ को देखने गए थे, लेकिन हम लोगों को बाघ नहीं दिखा। जब जानकारी ली तो बताया कि बाघ को बड़ी मुश्किल से देखने मिल पाता है। इसलिए हम लोग निराश होकर वापस आ गये। नोरादेही भ्रमण के दौरान तेंदूखेड़ा से घूमने गये अन्य सैलानियों ने बताया की नोरादेही में जितने जानवर देखने मिले हैं, उससे ज्यादा तो तेंदूखेड़ा, झलोन, तेजगढ़, तारादेही के मुख्य मार्गों पर देखने मिल जाते हैं। नौरादेही डीएफओ अब्दुल अंसारी का कहना है रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में धीरे, धीरे सुविधाएं बढ़ जाएंगी जब रिजर्व खुलेगा उस समय यहां कुछ नई सुविधाएं जरूर मिलेंगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें