दमोह शहर की प्रमुख सड़कें, रिंग रोड और मॉडल रोड, आमजन के लिए मुसीबत बन गई हैं। हाल ही में हुई बारिश के कारण इन दोनों सड़कों की हालत खस्ताहाल हो गई है। डामर उखड़ने से सड़कों पर दर्जनों गड्ढे हो गए हैं और गिट्टी बिखरने से वाहन चालकों के लिए दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। यह समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब रात के समय वाहन चालक इन गड्ढों के कारण फिसल जाते हैं।
ये दोनों सड़कें पिछले तीन साल से अधूरी पड़ी हैं और इन गड्ढों को भरने का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। हर बार मुख्यमंत्री के आगमन पर केवल बारीक गिट्टी डालकर गड्ढे भरे जाते हैं, जो कुछ दिनों बाद फिर से उभर आते हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रोजाना इन सड़कों से होकर गुजरते हैं, लेकिन उनकी ओर से किसी प्रकार की कोई सुध नहीं ली जा रही है। इन सड़कों से 24 घंटे वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इन सड़कों पर रोजाना कलेक्टर, एसपी, पशुपालन मंत्री लखन पटेल सहित अन्य उच्च अधिकारी भी आते-जाते हैं। फिर भी, पिछले तीन साल से अधूरी पड़ी सड़क की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि लोग बार-बार शिकायत कर चुके हैं। नगर पालिका ने इस मार्ग के तीन साल पहले ही टेंडर निकाले थे, लेकिन काम अधूरा ही पड़ा है।
शहर के जटाशंकर रिंग रोड और समन्ना हाइवे बायपास को जोड़ने वाली सड़क का पचास फीट का हिस्सा पिछले सात साल से अधूरा पड़ा है। हाल की बारिश ने सड़क का एक हिस्सा गड्ढे में तब्दील कर दिया है, जहां 20 फीट लंबा, 10 फीट चौड़ा और 2 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। जिससे छोटे वाहन चालक बाइक और कार लेकर कीचड़ में फिसलते हुए निकलने को मजबूर हैं। रात के समय इन गड्ढों की गहराई नहीं दिखने से वाहन चालकों को दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
शहर के जटाशंकर तिराहा से कलेक्ट्रेट के सामने तक 200 मीटर की सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है, जिसमें 20 से अधिक गहरे गड्ढे हो गए हैं। एसपी ऑफिस, पीएचई, रोजगार कार्यालय, और महाराणा प्रताप चौराहा के पास सड़क के बीच और किनारे गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरने से दो पहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने पिछले दो सालों में कई बार प्रशासन को शिकायत की है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री प्रांजल राय का कहना है कि मॉडल सड़क के टेंडर की प्रक्रिया उनके समय की नहीं है। जब तक पूरी सड़क नहीं बनेगी, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। रिंग रोड पर गड्ढे पर मुरम डालने का काम जल्द ही किया जाएगा।