दमोह जिले के तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक नाबालिग लड़की ने नवजात शिशु को जन्म दिया, जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। नाबालिग और उसके परिजन नवजात के पिता का नाम बताने से इनकार कर रहे हैं, जिससे अस्पताल प्रबंधन ने उसे छुट्टी नहीं दी और पुलिस को मामले की सूचना दी है।
पथरी का दर्द बताकर पहुंची थी अस्पताल
22 फरवरी को नाबालिग अपने माता-पिता के साथ पेट में दर्द और पथरी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। जांच कक्ष में पहुंचने के एक घंटे बाद ही उसने नवजात शिशु को जन्म दे दिया। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत मां और बच्चे का इलाज शुरू किया, लेकिन पिता का नाम पूछने पर नाबालिग और उसके परिजन चुप्पी साधे रहे।
पुलिस को सौंपी गई जानकारी
अस्पताल प्रबंधन ने रिकार्ड में पिता का नाम दर्ज न होने के कारण तेंदूखेड़ा थाने को सूचना दी और परिजनों से पक्का एफिडेविट मांगा गया है। एफिडेविट मिलने के बाद ही नाबालिग को अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।
जन्म प्रमाण पत्र और कानूनी जटिलताएँ
बच्चे के पिता का नाम न होने से उसके जन्म प्रमाण पत्र को लेकर कानूनी अड़चनें आ सकती हैं, जिससे उसे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना मुश्किल हो सकता है।
प्रेम प्रसंग की आशंका
मामले में प्रेम प्रसंग के चलते नाबालिग के गर्भवती होने की आशंका जताई जा रही है। तेंदूखेड़ा टीआई विजय अहिरवाल ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन का बयान
तेंदूखेड़ा सीबीएमओ डॉक्टर आर.आर. ने बताया कि नाबालिग ने सामान्य प्रसव किया है और पिता का नाम न बताने के कारण उसकी छुट्टी रोक दी गई है। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और एग्रीमेंट मिलने पर ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।
मामले में जांच जारी है और पुलिस जल्द ही तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रही है।