दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2024 में बस स्टैंड इलाके में हुई महिला की नृशंस हत्या के मामले में न्यायालय ने 13 माह के भीतर फैसला सुनाते हुए मृतका के पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश जितेंद्र नारायण सिंह ने आरोपी को दोषी पाते हुए एक हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया।
अपर लोक अभियोजक गिरीश राठौर ने बताया कि 29 दिसंबर 2024 की शाम मृतिका रजनी तिवारी बृजवासी रेस्टोरेंट के पास अपने बकाया पैसे लेने गई थी। इसी दौरान वहां उसका पति अखिलेश तिवारी मिला। दोनों के बीच तलाक को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने चाकू से पेट व पीठ पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान 2 जनवरी 2025 को जबलपुर में मौत हो गई।
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न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। यह फैसला महिला अपराधों के प्रति त्वरित न्याय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।