दमोह जिले में गुरुवार की सुबह से मौसम अचानक बदल गया और आसमान में बादल छा गए। दोपहर में रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद मौसम ठंडा हो गया। वहीं, किसानों की चिंता बढ़ गई। क्योंकि उनकी फसलें खेतों में कटने के लिए खड़ी है। यदि ऐसी स्थिति में बारिश होती है तो किसानों को बड़ा नुकसान हो जाएगा।
तेंदुखेडा में सुबह आठ बजे से रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जो लगभग दस मिनट तक जारी रही। उसके बाद पूरे दिन बादल छाए रहे। तेजगढ़ में भी दोपहर के समय रिमझिम बारिश होती रही। तेंदुखेडा ब्लॉक में गेहूं, चना की फसल पूरी तरह आ चुकी है। किसान खेतों में फसलों की कटाई में लगे हैं। कोई परिवार के साथ फसल की कटाई कर रहा है तो कोई हार्वेस्टर से कटाई करवा रहा है। कई किसानों की फसल कटकर खेतों में रखी है।
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कई किसानों की फसले खेतों में लगी हुई हैं और दो-चार दिन में उनकी कटाई आरंभ होनी है। उससे पहले गुरुवार को अचानक मौसम बदल गया और बादल छाने के बाद रिमझिम बारिश हो गई। रिमझिम बारिश के बाद उन किसानों ने अपनी फसल उठानी शुरू कर दी है, जिनकी कटाई हो चुकी है। लेकिन वह किसान काफी परेशान हैं, जिनकी फसल खेतों में लगी है।
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ये बोले किसान
किसान राम सिंह ठाकुर ने बताया, रिमझिम बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं है। लेकिन यदि बारिश तेज होती है तो किसानों को निश्चित रूप से नुकसान होगा। क्योंकि फसलें पूरी तरह आ चुकी है। कई किसानों की कटाई भी लग चुकी है।
किसान हल्लेभाई यादव ने बताया, 75 प्रतिशत किसानों की फसल अभी खेतों में खड़ी है। होली त्योहार के कारण किसान रुके थे। एक दो दिन में कटाई लगने वाली है। गुरुवार को रिमझिम बारिश हुई है, उससे तो कोई फर्क नहीं पड़ता। यदि तेज बारिश होगी तो कटाई करने में परेशानी जाएगी।
खेतों में हार्वेस्टर भी नहीं पहुंच पाएगा और फसल पर पानी पड़ने से दाने को भी नुकसान हो सकता है। जिले के सभी ब्लॉकों में गुरुवार को कुछ देर के लिए रिमझिम बारिश हुई। वहीं, जिला मुख्यालय पर पांच मिनट हुई बारिश के बाद मौसम काफी ठंडा हो गया।
ट्राली में रखी कटी फसल