दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र के ग्राम बिजोरा के पटपरा हार में 29 फरवरी को हुई 74 वर्षीय लक्ष्मण सिंह की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शराबी बेटे कमल ने ही कर्ज चुकाने के लिए अपने पिता की हत्या कर दी थी। फिर शव को खेत की झोपड़ी में रख दिया था। पुलिस ने कमल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
नोहटा थाना के ग्राम बिजोरा के पटपरा हार में एक झोपड़ी के अंदर लक्ष्मण सिंह का शव खटिया पर मिला था। उनके सिर पर चोट के निशान थे। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को जांच में लिया। बेटे कमल सिंह लोधी से पूछताछ की तो उसने गांव के ही कुछ लोगों पर संदेह जताकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी के निर्देशन पर नोहटा थाना प्रभारी अरविंद सिंह द्वारा मृतक के बेटे कमल से पूछताछ की तो उसने कबूल कर लिया कि पिता की हत्या उसने घर पर कर दी थी। साक्ष्य छिपाने तथा पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव खेत में बनी टपरिया में रख दिया था। आरोपी बेटे ने गांव के कुछ लोगों से रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगाया। पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया। पता चला कि बेटा कमल सिंह लोधी कर्ज में डूबा था। उसे चुकाने के लिए पिता लक्ष्मण सिंह पर निरंतर जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। पिता इसके लिए राजी नहीं था। जमीन को अपनी पत्नी और आरोपी बेटे की पत्नी के नाम कर दिया थी। इससे नाराज बेटे ने पिता की हत्या कर दी और पुलिस के सामने अपना अपराध भी कबूल कर लिया। इस कार्रवाई में जबेरा थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र उपाध्याय, नोहटा थाना प्रभारी अरविंद सिंह के साथ सायबर सेल पुलिस का सहयोग रहा।