दमोह जिला अस्पताल में सोमवार सुबह डिलीवरी के दो दिन बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके बाद महिला का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
बता दें कि जबेरा निवासी 22 वर्षीय रचना अहिरवार की सोमवार सुबह करीब 10 बजे मौत हो गई। मृतका के पति अजय अहिरवार ने बताया कि 25 जनवरी को दोपहर वह अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर आए थे। दोपहर 2 बजे रचना ने एक बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद सब कुछ सामान्य था, लेकिन रविवार की रात को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। नर्स और डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया और खून चढ़ाया, लेकिन इसके बाद से रचना की हालत लगातार बिगड़ती गई और उसे शरीर में धब्बे आने के बाद उसकी मौत हो गई।
परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतका के ससुर हल्लू लाल अहिरवार ने कहा कि नॉर्मल डिलीवरी के बाद सब ठीक था, लेकिन मेडिकल स्टाफ की लापरवाही ने उनकी बहू की जान ले ली। वह चाहते हैं किसी ओर महिला के साथ इस प्रकार की घटना न हो इसलिए लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. अमित जैन का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि केस हिस्ट्री के अनुसार खून का थक्का फेफड़ों की नस में जम जाने से महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई होगी, जिससे हार्ट फेल होने के कारण मौत हुई होगी। परिजनों के आरोपों को देखते हुए मृतका का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिससे मौत का सही कारण सामने आ सकेगा।
नायब तहसीलदार आशुतोष गुप्ता की मौजूदगी में जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।