दमोह शहर के पालीटेक्निक कालेज के पीछे स्थित बैकुंठधाम अब हरियाली से सराबोर हो गया है। यहां पर विभिन्न प्रजातियों के एक हजार से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से अधिकांश अब पेड़ का रूप ले चुके हैं। बैकुंठधाम में स्थित श्रीरामलाल, पंचमुखी हनुमानजी, और दुर्गा देवी के मंदिर भी अब इन हरे-भरे पौधों से घिरे हुए हैं, जिससे इसका प्राकृतिक और धार्मिक वातावरण और भी आकर्षक हो गया है।
मिशन ग्रीन के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पौधरोपण का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में किशुन तलैया बैकुंठधाम के पास बंजर जमीन पर पौधे लगाए गए हैं। हैदराबाद से लाए गए पांच से आठ फीट ऊंचे पौधों को वैज्ञानिक तरीके से रोपा गया है, जिससे उनकी बढ़त अच्छी हो सके। इन पौधों की देखभाल के लिए चारों ओर फेंसिंग लगाई गई है और नियमित पानी देने के लिए बोरिंग कराई गई है। मंदिर के पुजारी सुरेश मिश्रा ने बताया कि इस साल भी यहां 110 बड़े पौधे लगाए गए हैं। हाल ही में वन विभाग ने सड़क मार्ग भी बनवाया है, जिससे सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग यहां आकर शांतिपूर्ण वातावरण का आनंद ले रहे हैं।
शहर में पौधरोपण का विस्तार
मिशन ग्रीन के संयोजक सिद्धार्थ मलैया ने जानकारी दी कि अब तक शहर के 80 अलग-अलग स्थानों पर पौधरोपण किया गया है। अगला लक्ष्य शहर की दुकानों के बाहर पौधे लगाने का है। जिन दुकानों के बाहर जगह उपलब्ध है, वहां ट्री गार्ड लगाकर बड़े पौधे रोपे जाएंगे। दुकानदारों को पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि ये पौधे राहगीरों को ठंडी छांव प्रदान कर सकें। वर्तमान में शहर के मुख्य बाजार में सड़कों के किनारे एक भी पेड़ नहीं हैं, जिससे धूप से बचने के लिए राहगीर दुकानों के आसपास खड़े नजर आते हैं।