तेंदूखेड़ा के भैंसा गांव में खड़े ग्रामीण
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जिले के वनांचल में रहने वाले लोगों के भी अच्छे दिनों की शुरुआत होने वाली है। सरकार के कई विभाग यहां अनेकों योजनाओं का संचालन करने वाले हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि 5जी नेटवर्क जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। जानकारी के अनुसार जिन गांवों में 50 अदिवासी सदस्य रहते हैं, उनमें अब स्कूल, होम स्टे, आंगनबाड़ी, सोलर लाइटें लगाई जाएगीं। यह जिम्मेदारी मध्यप्रदेश सरकार के 18 विभागों को सौंपी जाएगी और यह विभाग मिलकर शासन की 25 योजनाओं का लाभ इन आदिवासियों को 100 प्रतिशत दिलाएंगे।
दरअसल यह पहल भारत सरकार के धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत की गई है। जिले में सर्वे के दौरान तेंदूखेड़ा और जबेरा में सबसे ज्यादा आदिवासी परिवार मिले हैं। इन परिवारों की संख्या को ध्यान में रखते हुए इनके डीपीआर तैयार किए गए हैं। जिन्हें अब स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जा रहा है। विभाग ने यह आंकड़ें 2011 की जनगणना के आधार पर लिए हैं। आदिम जाति कल्याण विभाग की प्रभारी संयोजक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की सहायक संचालक रिया जैन ने बताया कि जिले में दो अक्तूबर से अभियान शुरू चुका है। इसमें 500 एवं अधिक जनसंख्या तथा 50 प्रतिशत जनजातीय आबादी वाले गांव को लाभांवित किया जाना है।
इन गांव में निवासरत जनजातीय वर्ग के लोगों को 18 विभाग 25 योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ दिलाएंगे। इसमें जनजातीय वर्ग के लोगों को आयुष्मान योजना, मोबाइल मेडिकल यूनिट, छात्रावास, आश्रम, स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका सहित कौशल उन्नयन एवं पर्यटन ग्राम के रूप में विकास के लिए होम स्टे की संभावनाओं का आंकलन किया जाएगा। इसी तरह आदिवासियों के घरों में शत प्रतिशत विद्युतीकरण, सोलर पैनल की स्थापना, एलपीजी कनेक्शन, 4जी एवं 5जी मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता सहित किसान कल्याण एवं कृषि विकास, पशुपालन एवं डेयरी विभाग तथा मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं के माध्यम से लोगों को लाभांवित किया जाएगा।