वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में हाल ही में पेंच टाइगर रिजर्व से लाई गई नई बाघिन को नौरादेही के जंगल में छोड़ा गया है। इस बाघिन को एन-6 नाम दिया गया है और उसे कॉलर आईडी पहनाई गई है, जिससे वन विभाग उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। बाघिन लगातार अपने नए ठिकाने की तलाश में जंगल में घूम रही है और अब तक 30 से 40 किमी तक मूवमेंट कर चुकी है।
गौरतलब है कि यह बाघिन हाल ही में पेंच टाइगर रिजर्व के कुरई गांव के पास हरदुआ इलाके में शिकार के दौरान एक कुएं में गिर गई थी। पेंच टाइगर रिजर्व की टीम ने इसे रेस्क्यू कर भोपाल वन मुख्यालय को जानकारी दी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि इस बाघिन को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जाए।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ए.ए. अंसारी के अनुसार यहां अब तक 19 बाघ-बाघिन मौजूद हैं। नई बाघिन को कॉलर आईडी पहनाकर उसके मूवमेंट की ट्रैकिंग की जा रही है।
दमोह और नौरादेही के जंगलों को मिलाकर बनाए गए इस टाइगर रिजर्व में 2018 से पहले कोई बाघ नहीं था और इसे भेड़ियों का जंगल कहा जाता था। 2018 में यहां बाघिन राधा लाई गई, जिसके बाद किशन नामक बाघ भी आया। दोनों ने इस जंगल को नई पहचान दी लेकिन एक संघर्ष में किशन की मौत हो गई। इसके बाद बांधवगढ़ से एक और बाघ-बाघिन लाए गए और अब पेंच से एन-6 को यहां बसाने की कवायद की जा रही है।