शहर के राधिका मैरिज गार्डन से सोमवार की रात 50 लाख रुपए के जेवरात चोरी कर भाग रहे चार आरोपियों की कार पलट गई। इसके बाद जब वे घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने जेवरात से भरा बैग कैंटीन में छिपा दिया था, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद किया। आरोपियों के तार राजगढ़ जिले के कड़िया गांव के बैंड बाजा बारात गिरोह से जुड़े हैं, जो शादी-विवाह के दौरान चोरी करने के लिए माहिर हैं।
गिरोह का फरार आरोपी रितिक अब तक 20 से ज्यादा इस तरह की वारदातें कर चुका है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। घायल हुए दोनों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने दो दिन की रिमांड मांगी है। वहीं, हादसे में मृतक आरोपी युग सिसोदिया का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद राजगढ़ से आए परिजन शव लेकर चले गए। देर शाम परिजनों ने न्यायालय में शादी का कार्ड प्रस्तुत करते हुए जेवरात वापस देने की अपील की, जिस पर न्यायालय ने आदेश दिया कि जेवरात लौटाए जाएं।
देहात थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि चारों आरोपी राजगढ़ जिले के पचोर तहसील के कड़िया गांव के निवासी हैं। सड़क हादसे में मृत हुआ युग सिसोदिया (20), घायल देवेंद्र सिसोदिया, सोनू सिसोदिया और फरार रितिक सिसोदिया शामिल हैं। आरोपी दमोह खुद की कार से आए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद वे कटनी रोड पर भाग निकले थे, लेकिन घाट पिपरिया के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दौरान बिलासपुर से फूलगोभी बेचकर लौट रहे किसानों ने आरोपियों की मदद की। किसानों ने उन्हें वाहन में बैठाकर दमोह पहुंचाया। यहां पहले वे एक निजी अस्पताल गए, लेकिन गंभीर हालत के कारण डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया और वे जिला अस्पताल पहुंचे। यहां मृतक के कपड़े और हुलिया देखकर पुलिस को संदेह हुआ और तुरंत सूचना पुलिस अधिकारियों को दी गई। पूछताछ पर आरोपियों ने वारदात को स्वीकार कर लिया।
सेठ ने किसान को 5 हजार का इनाम दिया
इस पूरी वारदात का खुलासा बिलासपुर में फूलगोभी बेचकर लौट रहे किसानों की मदद से हुआ। हादसे के बाद गिरोह के एक सदस्य की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हो गए थे। घायलों ने सड़क पर खड़े होकर इन किसानों से मदद मांगी। मदद मिलने पर किसानों ने मृतक युग सिसोदिया और दोनों घायल देवेंद्र और सोनू को वाहन में दमोह लेकर आए और जिला अस्पताल पहुंचे। उनके साथ जेवरात से भरा बैग भी था। जब घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस ने पूछताछ की तो यह पता चला कि ये घायल चोर गिरोह के सदस्य हैं। अगर किसानों ने उन्हें वाहन में लिफ्ट नहीं दी होती, तो आरोपी किसी और स्थान पर भी भाग सकते थे। इस पर पीड़ित पक्ष के आकाश सेठ और प्रभात सेठ ने वाहन चालक और किसानों को 5 हजार रुपए का नकद इनाम दिया।
कैंटीन में छिपा दिया था जेवरात से भरा बैग
आरोपी जेवरात से भरा चोरी का सूटकेस लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्होंने उसे कैंटीन के पास छिपा दिया था। जब पुलिस ने पूछताछ की, तो आरोपियों ने सूटकेस को कैंटीन के पास रखने की बात कबूल की। पुलिस ने मौके पर जाकर सूटकेस जब्त किया। दरअसल, वारदात के दौरान गिरोह के सदस्य सीसीटीवी फुटेज में आ गए थे। पुलिस ने फुटेज मिलने के बाद उसे वायरल किया और आसपास के थानों को सूचित किया, जिससे आरोपियों की पहचान और हुलिया सामने आया। जबलपुर नाका चौकी प्रभारी आनंद कुमार ने बताया कि आरोपियों का गिरोह पुराना है और यह पूरे देश में सक्रिय है। यह खासकर शादियों में ही टारगेट करता है। इससे पहले भी कई वारदातों में इस गिरोह का हाथ पाया गया है।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी