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Damoh: तलैया में डूबने से मृत हुई चार मासूम बच्चियों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार, परिजनों का रोकर बुरा हाल

Mon, 09 Sep 2024 07:25 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

MP: दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत डूमर गांव में रविवार की शाम 4 मासूम बच्चियों की तलैया में डूबने से मौत हो गई थी। जिनका सोमवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरे गांव में मातम का माहौल रहा।
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एक साथ किया जा रहा अंतिम संस्कार
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दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत डूमर गांव में रविवार की शाम 4 मासूम बच्चियों की तलैया में डूबने से मौत हो गई थी। जिनका सोमवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरे गांव में मातम का माहौल रहा। चारों बच्चियों का अंतिम संस्कार एक साथ ही किया गाया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में आसपास के ग्रामीण भी शामिल हुए और सभी ने घटना पर दुख जताया। वहीं पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह भी अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।
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जैसे ही चारों बच्चियों की अर्थियाँ उठीं गांव वालों की आंख से आंसू आ गए, क्योंकि रविवार सुबह चारों बच्चियों गांव में खेल रही थी, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। उधर परिजनों ने कलेक्टर से मिलकर नोहटा स्वास्थय केंद्र के लापरवाह स्वास्थ्य अमले पर कार्रवाई की मांग भी की है। वहीं मुख्यमंत्री ने भी चार,चार लाख रुपए की सहायता राशि देने की बात कही है और घटना पर दुख जताया है।

मृतकों में थी दो सगी बहनें
बता दें नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत डूमर गांव निवासी माया बाई पिता अर्जुन सिंह लोधी 9, राजेश्वरी पिता हनुमत सिंह लोधी 12, उसकी बड़ी बहन रागनी 14 और पिंसो पिता यशवंत सिंह 12 तीनों रविवार की दोपहर गांव में ही एक मंदिर में आयोजित भंडारे में शामिल होने गई हुई थी और वहां से लौटते समय गांव के ही तालाब में नहाने पहुंच गई। परिजनों ने बताया की बच्चियां जब भंडारे से लौट कर तालाब में नहाने गई थी। वहां अन्य बच्चे भी थे। इसी दौरान बच्चियां नहाते समय पानी में डूब गई। स्थानीय लोगों ने जब यह घटना देखी तो परिजनों को सूचित किया और तीनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाल कर नोहटा स्वास्थय केंद्र लेकर गए, लेकिन वहां कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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रात में मिला चौथा शव
रात करीब साढ़े आठ बजे चौथा शव तलैया में मिला था। राजेश्वरी की बड़ी बहन रागनी पिता हनुमत लोधी का शव भी तलैया में मिला। परिवार के लोग सोच रहे थे कि दहशत में होने के कारण वह कहीं गांव में चली गई होगी, लेकिन रात में उसका शव भी तलैया में मिला है। परिवार के लोग उसे खोजते रहे किसी ने तलैया में शव उतारते हुए देखा। उसके बाद उसे निकाला तो पता चला की चौथी बच्ची रागनी की भी डूबने से मौत हो गई है जो उन तीन बच्चियों को बचाने वहां गई थी। सोमवार सुबह चारों का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर से भी परिजन मिले थे और बताया था कि नोहटा स्वास्थय केंद्र में बच्चों को इलाज नहीं मिला, क्योंकि वहां कोई स्टाफ नहीं था। कलेक्टर कोचर ने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी और जो भी आर्थिक मदद नियम के तहत हो सकेगी की जायेगी। सोमवार सुबह गांव में अंतिम संस्कार के दौरान राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। मंत्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि देर रात बहुत ही दुखद सूचना प्राप्त हुई थी। जिसको संज्ञान में लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को सूचना दी। उन्होंने तत्काल ही प्रशासन को मृतक बच्चियों के परिजनों को चार, चार लाख रुपए की आर्थिक मदद के निर्देश दिए हैं। 
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