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Damoh News: मिलिए 15 साल से वार्ड की पार्षद प्रेमरानी से, ठेले पर बेचती हैं समोसे, चुनाव भी बिना पैसे ही लड़ीं

सार

प्रेमरानी ने बताया कि चुनाव जीतने के लिए उन्होंने वार्ड में स्वयं का एक रुपया भी खर्च नहीं किया। वह तो केवल लोगों के पास जाकर हाथ जोड़ती हैं। वार्ड के लोग ही उन्हें जिताते हैं।  राजनीति उनके लिए समाज-सेवा है।
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समोसे बेच रही महिला पार्षद
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विस्तार
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दमोह जिले की हटा नगर पालिका की महिला पार्षद प्रेम रानी पटेल ने राजनीति को समाज सेवा का माध्यम बनाया है। अपने अनूठे जीवन संघर्ष से लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। पिछले 15 वर्षों से लगातार पार्षद चुनी जा रही प्रेम रानी आज भी हाथ ठेले पर समोसे बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। तीन बार पार्षद चुने जाने के बाद भी उनकी आर्थिक स्थिति नहीं बदली है, लेकिन उनके काम की वजह से वार्ड के लोगों का विश्वास उन पर बरकरार है।

प्रेम रानी पटेल ने समोसे बेचकर अपने छह बच्चों को पढ़ाया-लिखाया और चार बेटियों की शादी की। वह हर दिन सुबह से हटा की सब्जी मंडी के पास ठेला लगाती हैं, जहां उनके पति और बच्चे भी उनकी मदद करते हैं। उन्होंने अपने वार्ड, लालबहादुर शास्त्री वार्ड, का जबरदस्त विकास किया है। 350 पीएम आवास योजना के तहत घर-घर जाकर गरीबों के फार्म भरवाकर उन्होंने पक्के मकान दिलवाए और सीसी सड़कों का निर्माण करवाया, जिससे वार्ड का रूप बदल गया है।

प्रेम रानी का कहना है कि उनके लिए राजनीति समाज सेवा का जरिया है। 2012 में वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ीं, बाद में कांग्रेस और फिर भाजपा से पार्षद बनीं। उन्होंने चुनाव में कभी एक रुपया भी खर्च नहीं किया, बल्कि सिर्फ लोगों के पास जाकर हाथ जोड़कर समर्थन मांगा। उनके लिए राजनीति में आना सिर्फ वार्ड के लोगों की सेवा करना है, और उनकी सादगी और कड़ी मेहनत ने उन्हें जनता का प्रिय बना दिया है।

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चार बेटियों की शादी की, पति भी रहे हैं पार्षद
आठवीं तक पढ़ी प्रेम रानी पटेल का विवाह शास्त्री वार्ड गडिया निवासी जगत पटेल से हुआ था। तब उन्होंने यह कभी नहीं सोचा था कि पति की व्यवहार कुशलता से वार्ड के लोगों के वोट से वह पार्षद बनेंगी, लेकिन जब पार्षद बन गई तो उनकी जिंदगी में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया। जो काम वह पहले करती थीं वह आज भी कर रहीं हैं। हाथ ठेले पर संचालित नाश्ते की दुकान से उन्होंने अपने छह बच्चों को पढ़ाने-लिखाने साथ-साथ चार बेटियों की शादी भी कर चुकी हैं। इस कार्य में उनके पति व दो बच्चे भी मदद कर रहे हैं। 2009 से 2014 तक उनके पति जगत पटेल पार्षद रह चुके हैं। इसके बाद यह सीट महिला पिछड़ा वर्ग की हो गई और वह जीत रही हैं। 

350 पीएम आवास बनवाए
तीन बार से पार्षद प्रेमरानी पटेल की आर्थिक स्थिति भले ही कमजोर है, लेकिन उन्होंने अपने वार्ड के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। 15 वर्ष पहले तक हटा का लालबहादुर शास्त्री वार्ड विकास से बहुत दूर था। यहां ज्यादातर लोगों के मकान कच्चे थे। वार्ड की सड़कें भी कच्ची थीं। प्रेम रानी के पार्षद बनने के बाद वार्ड का विकास हुआ है। इनके वार्ड में 350 पीएम आवास बन चुके हैं। इसके लिए घर-घर जाकर स्वयं के पैसों से गरीबों के फार्म भरवाए। इससे अधिकांश कच्चे घरों की जगह अब पक्के मकान बन गए हैं। साथ ही पक्की सीसी सड़कें बन गई हैं। इससे लोगों का आवागमन सुलभ हुआ है।
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समोसे बेच रही है महिला पार्षद प्रेम रानी पटेल। 

 

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