मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को जिला प्रशासन की टीम ने हटाकर करोड़ों की जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से सटकर खाली पड़ी जमीन पर अतिक्रमण कर मकान बना लिए गए थे।
तहसीलदार मोहित जैन के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में जेसीबी से अतिक्रमण हटवाया गया। यहां पर पांच मकानों को गिरवाया गया। इनमें बिहारी लाल पटेल, सेवा बाई, शेर खान और शेरू खान ने कई वर्षों से मकान बनाकर यहां पर कब्जा किया हुआ था। हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन यंत्री बाथम के पत्र के बाद कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। तहसीलदार मोहित जैन ने बताया कि पहले बेदखली आदेश न्यायालय से जारी किया गया था।
नोटिस देकर जवाब लिए गए थे। जवाब समाधान कारक नहीं थे जिस पर बेदखली आदेश पारित करके यह कार्रवाई की गई है। यहां पर लगभग एक एकड़ जमीन कामर्शियल उपयोग की है। स्कूल के लिए हाउसिंग बोर्ड ने आरक्षित की है, इसकी बाजारू कीमत लगभग दो करोड़ 66 लाख रुपए है। इसके बाद मारुताल के पास अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई की गई।
लोगों ने पहाड़ी पर भी बना लिए मकान
बता दें कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास ही पानी की टंकी के पास पहाड़ी पर भी अतिक्रमण है। साथ ही सड़क किनारे चार पांच मकान बने हुए हैं, लेकिन प्रशासन की टीम ने यहां कार्रवाई नहीं की। केवल चार पांच लोगों के मकान तुड़वाकर औपचारिकता पूरी कर ली, जिससे लोगों में आक्रोश है। जिनके मकान तोड़े गए हैं, उनका कहना है कि हम लोग जब आए थे, यहां न तो कॉलोनी बनी थी न ही सड़क निकली थी। तब से रह रहे हैं। तहसीलदार का कहना है कि निरंतर नोटिस काटे जा रहे हैं। शेष अतिक्रमण भी हटाया जाएगा।