दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में लगातार हुई बारिश से कई परिवारों के मकान गिर गए और आज वे बेघर होकर सड़क पर आ गए हैं। इन परेशान लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि साहब हमारी भी सुध ले लो, हम बेघर हो गए हैं।
दरअसल पिछले दिनों से हो रही झमाझम बारिश से नदी, नाले उफान पर हैं, जिसकी जानकारी तो सभी जगह से जुटाई जा रही है। अभी तक यह सर्वे प्रशासनिक अधिकारियों ने नहीं कराया कि किन लोगों के मकान गिरे और आज वह किस स्थिति में हैं। तेंदूखेड़ा ब्लॉक की कई गांव में लोगों के मकान गिर गए हैं और आज वह प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं ताकि प्रशासन का अमला उनके पास पहुंचे और कुछ मदद कर दे। बड़ी बात तो यह है कि गांव में रहने बाले कोटवार ने भी इसकी जानकारी पटवारी या बड़े अधिकारियो तक नहीं पहुंचाई है।
इन लोगों के गिरे घर
तेंदूखेड़ा नगर के वार्ड आठ निवासी भूरा यादव का कच्चा मकान बारिश में गिर गया। गनीमत यह रही कि घटना की रात भूरा यादव घर में नहीं थे, उन्होंने बताया कि वह बस चालक है और घर में अकेले रहता है। घटना के दिन वह घर से दूर था, आसपास के लोगों ने उनको जानकारी दी। वापस आकर देखा तो घर की दीवार और छप्पर गिरा हुआ था।
रामदेही निवासी पूरन आदिवासी अपने चार भाई और माता पिता के साथ कच्चे मकान में रहता था। शनिवार को बारिश में उसका कच्चा मकान गिर गया। जिस पूरन ने बताया मकान जब गिरा हम लोग घर में थे। मकान कच्चा था इसलिए किसी को चोट नहीं आई है। आदिवासी परिवार आर्थिक रूप से काफ़ी गरीब है और आज तक पटवारी भी इस घटना की जानकारी या नुकसान की पंचनामा कार्यवाही करने गांव नहीं पहुंचे हैं। ग्राम कोटवार ने भी घटना की जानकारी पटवारी या राजस्व विभाग के अधिकारियो को नहीं दी है। इसलिए गरीब आदिवासी का कोई मुआवजा पंचनामा नहीं बना है। तेंदूखेड़ा तहसीलदार सोनम पांडे ने बताया कि ब्लॉक में करीब 15 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना आई है। सभी का सर्वें कराया गया है, जिन मकानों के गिरने की जानकारी दी गई है सबंधित पटवारी से जानकारी ली जाएगी।