दमोह जिले के पथरिया स्थित विरागोदय जैन मंदिर में दान पेटियों से करीब 90 हजार रुपये की चोरी के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। करीब छह दिन तक चार राज्यों में लगातार तलाश और 2673 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद पथरिया पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मंदिर चोरी की वारदात स्वीकार करने के साथ ही विभिन्न राज्यों में 13 अन्य अपराध करना भी कबूल किया है।
22 मई की रात दानपेटियों को बनाया था निशाना
पुलिस के अनुसार 22 मई 2026 की रात पथरिया के दमोह रोड स्थित विरागोदय जैन मंदिर में दो अज्ञात बदमाशों ने मंदिर परिसर में रखी दो दानपेटियों के ताले तोड़कर करीब 90 हजार रुपये चोरी कर लिए थे। घटना के बाद मंदिर के प्रबंधक सूरज जैन निवासी खेड़ी, जिला बैतूल ने थाना पथरिया में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में अपराध क्रमांक 234/26 के तहत प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
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CCTV फुटेज और साइबर सेल बनी सबसे बड़ी कड़ी
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया एवं एसडीओपी प्रिया सिंघी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नेहा गोस्वामी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश के अलावा तीन अन्य राज्यों में लगातार दबिश दी। करीब 2673 किलोमीटर की यात्रा और छह दिन तक चली तलाश के बाद 26 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
उत्तराखंड के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलवंत उर्फ राजू (40), निवासी ग्राम फतेहगंज, थाना गदरपुर, जिला ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) तथा रेशम उर्फ रिंकू (32), निवासी ग्राम गोठा, थाना सितारगंज, जिला ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने विरागोदय जैन मंदिर में चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई राशि में से 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों में 13 अन्य चोरी की वारदातों में भी शामिल होने की जानकारी दी है, जिनका सत्यापन संबंधित राज्यों की पुलिस से किया जा रहा है।
न्यायालय में पेश, अन्य मामलों की जांच जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। अब पुलिस अन्य राज्यों में दर्ज मामलों और गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच, लगातार निगरानी और टीमवर्क की बदौलत अंतरराज्यीय गिरोह तक पहुंचना संभव हुआ। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि वारदात के बाद दूसरे राज्यों में छिपने वाले अपराधी भी कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकते।