शहर के विकास कार्य ठप
टैक्स वसूली न होने के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2017 में शहर में नई पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था। नल कनेक्शन के बाद एजेंसी को पूरे शहर में पानी के मीटर लगाना था, लेकिन करीब 80 लाख रुपए का भुगतान न होने के कारण कंपनी ने पानी के मीटर नहीं लगाए। इससे पूरे शहर में पानी की बर्बादी हो रही है। जटाशंकर से जबलपुर नाका तक बनने वाली मॉडल सड़क का काम भी पिछले तीन साल से अटका हुआ है। बजरिया वार्ड नंबर 6 और सिविल वार्ड नंबर 2 में सीसी रोड, नालियों के निर्माण सहित अन्य विकास कार्य भी ठप पड़े हैं।
30 से अधिक दुकानों को सील किया
नगर पालिका द्वारा टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए हाल ही में 30 से अधिक दुकानों को सील किया गया था, जिससे 70 लाख रुपए की तत्काल वसूली हुई। बकायादारों के खिलाफ कुर्की वारंट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। शासकीय कार्यालयों पर बकाया टैक्स वसूलने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। सभी वार्ड मुहर्ररों को माहवार लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं।
टैक्स वसूली में आ रही यह समस्याएं
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि वसूली में कई तरह की परेशानियां आ रही हैं। बड़े बकायादार और शासकीय विभाग अपने रुतबे का इस्तेमाल कर कर्मचारियों को खाली हाथ लौटा देते हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों द्वारा टैक्स वसूली के बिल सही तरीके से नहीं बनाए जा रहे हैं। जांच में पाया गया कि एक कर्मचारी ने 6 लाख रुपए टैक्स की जगह केवल 1 लाख 33 हजार रुपए का बिल बनाया। ऐसी लापरवाही के कारण बकाया टैक्स बढ़ता जा रहा है।
संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए जा रहे
नगर पालिका सीएमओ प्रदीप शर्मा ने कहा कि बकायादारों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। हाल ही में दुकानों को सील किया गया था, जिससे बकाया वसूली बढ़ी है। अगले महीने से वार्डों में शिविर लगाए जाएंगे। वसूली की धीमी गति के चलते राजस्व विभाग के कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। राजस्व अधिकारी और वरिष्ठ राजस्व निरीक्षक के पद भरने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। धीरे-धीरे वसूली में सुधार हो रहा है।