दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में लगातार दो दिनों से दुकानों के ताले टूट रहे थे और छोटी-मोटी चोरियां हो रही थीं। व्यापारियों ने चोरों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की तो पता चला कि इन घटनाओं को नाबालिग बच्चे अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया और थाने ले लाई, लेकिन मासूम बच्चों की शक्ल देखकर कोई भी उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तैयार नहीं हुआ। ऐसे में पुलिस ने उन्हें समझाइश और चेतावनी देकर छोड़ दिया।
दरअसल, सोमवार की रात नगर के बस स्टैंड की पांच दुकानों के ताले टूट गए थे। मंगलवार सुबह जब दुकानदार पहुंचे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। दुकानदारों ने तेंदूखेड़ा पुलिस को सूचना दी। टीआई मौके पर पहुंचे तो पता चला कि कुछ अज्ञात चोर दुकानों से सिगरेट, पान मसाला और चिल्लर चुराकर ले गए हैं।
ऐसे पकड़े गए चोर
सोमवार को हुई चोरी की घटना के बाद दुकानदार खुद ही चोरों को पकड़ने के प्रयास में थे। गुरुवार की रात दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करने के बाद आसपास छिपकर निगरानी रखी। रात करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का मोबाइल की दुकान पर पहुंचा और वहां लगे कैमरे को तोड़ने की कोशिश करने लगा। इस दौरान दुकानदारों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
मोबाइल दुकान संचालक अजय यादव ने बताया कि रात 11 बजे दुकान बंद कर वह घर पर खाना खा रहे थे, तभी उनके साथी का फोन आया और उन्होंने घटना की जानकारी दी। जिसके बाद वह दुकान पर पहुंचे और नाबालिग चोर को पकड़कर पुलिस को सूचना दी।
तीन पंखे किए बरामद
तेंदूखेड़ा पुलिस ने एक नाबालिग बच्चे को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की। पूछताछ में बच्चे ने बताया कि उसने पहले शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों के लिए बन रहे नए भवनों से भी तीन पंखे चोरी किए थे। हालांकि, इस चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई थी, लेकिन पुलिस ने उन पंखों को बरामद कर लिया है।
तेंदूखेड़ा टीआई विजय अहिरवार ने बताया कि दुकानों के ताले तोड़ने वाले बच्चे 12-13 वर्ष के हैं। उन्होंने ताले तोड़े, लेकिन ज्यादा सामग्री नहीं ले जा सके। पूछताछ में एक बच्चे ने स्वीकार किया कि उसने अस्पताल के नए कमरों से तीन पंखे भी चोरी किए थे। बच्चों की उम्र को देखते हुए अभी तक किसी ने शिकायत दर्ज नहीं करवाई है, इसलिए मामला दर्ज नहीं हुआ है।