जिले के नोहटा थाना के अभाना गांव निवासी वीरन सिंह लोधी की हत्या का नोहटा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बाइक में लात मारने पर हुए विवाद में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने मृतक को पहले 25 फिट ऊंचे पुल से फेंका उसके बाद नीचे पानी में डुबोया। मौत होने के बाद आरोपी भाग निकले। पुलिस ने तीन आरोपियों के साथ मृतक के साथी को भी आरोपी बनाया है, क्योंकि उसने घटना छिपाई थी। चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
बता दें वीरन लोधी 12 अक्तूबर को दशहरा देखने गया था और लौटा नहीं। उसके बाद 16 अक्तूबर को उसका शव एक नदी के नीचे मिला था। घटना के बाद परिवार के लोगों ने अभाना मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया था और शराब दुकान के कर्मचारियों सहित कुछ लोगों पर हत्या के आरोप लगाये थे। पुलिस के आश्वासन के बाद जाम खुला और शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जांच शुरू हुई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
ऐसे हुई थी घटना
नोहटा पुलिस ने मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया। जिनमें तीन ने वीरन की हत्या की है, जबकि चौथा मृतक का साथी है जिसने इस घटना को छिपाया था। पुलिस पूछताछ मे आरोपियों ने बताया कि घटना की रात हम तीन लोग एक बाइक पर सवार होकर अपने गांव बीजडोंगरी जा रहे थे। उनकी बाइक का पेट्रोल गोहची पुलिया पर ख़त्म हो गया। उसी पुलिया पर बीरन लोधी और राघबेंन्द्र लोधी बैठकर शराब पी रहे थे। वीरन ने हम लोगों के साथ गाली गलोच करना शुरू कर दिया। रोकने पर उसने बाइक में लात मार दी, जिसके कारण बाइक का मास्क और अन्य सामग्री टूट गई। गुस्से में हम लोगों ने वीरन को 25 फिट ऊंची पुलिया धक्का देकर नदी में फेंक दिया। नीचे गिरने पर भी वह गाली दे रहा था। तब हम लोगों ने नीचे आकर उसको पानी में डूबा दिया और उसकी मौत हो गई।
यह बने आरोपी
नोहटा थाना प्रभारी अरविन्द सिंह ने मामले की जानकारी देते हुये बताया की वीरन पिता खलक लोधी की मौत सीने में कोई लकड़ी घुसने की वजह से हुई है। 12 अक्टूवर की शाम से वह लापता हुआ था। उसकी गुमसुदगी दर्ज थी बाद में उसका शब 16 अक्टूवर को गोहची पुलिया के नीचे मिला था। घटना की जानकारी लेने पर पता चला घटना की रात राघबेंन्द्र लोधी उसके साथ था। वीरन का विवाद गोविंद पिता पूरन लोधी 26, भरत पिता कोमल लोधी 25, गिरन पिता मोहन लोधी से हुआ था। जब सभी को बुलाया और पूछताछ की तो तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। चुकी राघबेंन्द्र लोधी घटना के समय मृतक के साथ था उसको पूरे मामले की जानकारी थी उसके बाद भी उसने पूरा घटना क्रम छिपाया। इसलिए उसे भी आरोपी बनाया गया। चारो पर मामला दर्ज करके कोर्ट ने पेश किया जहां से चारो को जेल भेजा गया।