दमोह जिले के तेंदूखेड़ा अनुविभाग के एसडीएम सौरव गंधर्व ने गुरुवार को ब्लॉक के कई शासकीय स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। कई स्कूलों में शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जबकि कुछ स्कूलों में शौचालय में ताला लटका था। सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात यह थी कि बच्चों के मध्यान भोजन की थालियां तक नहीं मिलीं, जिससे बच्चे भोजन नहीं कर पाए। इसके अलावा, कुछ स्कूलों में छात्रों को किताबें भी नहीं मिलीं। यह देखकर एसडीएम गुस्से में आ गए और शिक्षकों को फटकार लगाई।
एसडीएम ने तेंदूखेड़ा के बमोहरी प्राथमिक और मिडिल स्कूल का निरीक्षण किया, जहां सीमेंट की बोरियां रखी मिलीं, छात्रों की कॉपियां लंबे समय से चेक नहीं की गई थीं, और मध्यान भोजन की गुणवत्ता भी खराब थी। इसके अलावा, पानी की व्यवस्था भी नहीं थी और शौचालय में ताला लगा था। एसडीएम ने शिक्षकों को फटकार लगाते हुए बीआरसी को नोटिस जारी करने और जवाब तलब करने के निर्देश दिए।
पिंडराई स्कूल में भी यही स्थिति थी, जहां बच्चे स्वयं थाली धोते हुए मिले और भोजन की गुणवत्ता में भी कमी थी। बच्चों ने यह भी बताया कि गणित की क्लास काफी समय से नहीं लगी थी, और तीसरी कक्षा के बच्चों के पास किताबें नहीं थीं।
हाईस्कूल खमरिया का निरीक्षण करते हुए एसडीएम ने वहां भी तीन अनुपस्थित शिक्षकों को पाया, जिनमें लखन सिंह ठाकुर, रमाकांत धुर्वे और दामोदर नामदेव शामिल थे। एसडीएम ने तीनों शिक्षकों के एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने बताया कि उन्होंने करीब छह स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें कई कमियां पाई गईं। उन्होंने बीईओ, बीआरसी और जनशिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करें और साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।