दमोह के हटा में बहुचर्चित देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड के आरोपी जनपद पंचायत अध्यक्ष इंद्रपाल पटेल को अपर सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इससे उनका अध्यक्ष पद भी समाप्त हो जाएगा, और पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 44 के तहत निर्वाचन अधिकारी आगे की कार्रवाई करेंगे।
बता दें कि पटेल ने जेल में रहते हुए जुलाई 2022 में गैसाबाद जनपद से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। इसके बाद, 5 अगस्त 2022 को पैरोल पर आकर उन्होंने शपथ ली और दो साल तक जनपद पंचायत अध्यक्ष रहे। न्यायालय ने 30 नवंबर को हत्या के आरोप में उन्हें दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अब, पंचायती राज अधिनियम की धारा 44 के तहत पटेल का पद खाली हो जाएगा, और इसके लिए कलेक्टर को फैसले की प्रति भेजी जाएगी, जिसके बाद निर्वाचन अधिकारी आगे की कार्रवाई करेंगे। पद रिक्त होने के बाद जनपद पंचायत हटा में 16 सदस्य सम्मेलन करेंगे, जिसमें अगला अध्यक्ष कुर्मी जाति से होने की संभावना जताई जा रही है।
देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में कुल 25 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, जिनमें से 12 आरोपियों को केंद्रीय जेल भेजा जाएगा। इनमें इंद्रपाल पटेल, श्रीराम शर्मा, शैलू उर्फ शैलेंद्र, अमजद पठान, सोहिल पठान, शाहरुख खान और अन्य शामिल हैं।