फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Damoh News: सीएम हेल्प लाइन की ग्रेडिंग में 25वें नंबर पर दमोह, अधिकारियों ने एक महीने में किया ये काम

Fri, 22 Nov 2024 04:32 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

सीएम हेल्प लाइन की ग्रेडिंग में दमोह 25वें नंबर पर आ गया। हैरानी की बात यह है कि 20 अक्तूर से 20 नवंबर तक एक महीने में अफसरों ने 13 हजार 337 शिकायतें बंद कीं तो 10 हजार 103 नई फिर जुड़ गईं।
विज्ञापन
आवेदकों की समस्या सुनते कलेक्टर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जनसमस्याओं के निराकरण में दमोह जिले के अधिकारी कम ही रुचि ले रहे हैं। सीएम हेल्प लाइन की ग्रेडिंग में 26 जिलों में से दमोह 25वें नंबर पर आ गया। जो ग्रेडिंग की सूची में अंतिम पायदान से दूसरे नंबर पर है। हैरानी की बात तो यह है कि 20 अक्तूबर से 20 नवंबर तक एक महीने में अफसरों ने 13 हजार 337 शिकायतें बंद कीं तो 10 हजार 103 नई फिर जुड़ गईं। इसलिए ग्रेडिंग में दमोह 25वें नंबर पर आ गया।

विज्ञापन


दरअसल, ग्रेडिंग सिस्टम में दो कैटेगरी तय की गई है। पहली कैटेगरी में एक से 26 नंबर तक उन जिलों को शामिल किया गया है, जिनसे सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज होती हैं। इन जिलों में दमोह भी शामिल है। जबकि दूसरी कैटेगरी में उन 29 जिलों को शामिल किया गया है, जिसमें शिकायतों का निराकरण समय पर होता है और उनके आंकड़े भी बहुत कम हैं। वर्तमान में दमोह जिले में कुल 16 हजार 229 शिकायतें लंबित हैं। इनमें से सबसे ज्यादा महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, बिजली विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पुलिस विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, श्रम विभाग व पीएचई विभाग की हैं।

इन विभागों के पास शिकायतों के अंबार लगे हुए हैं। लेकिन विभाग प्रमुख अधिकारी निराकरण नहीं करा पा रहे हैं। यही वजह है कि इस बार दमोह जिला ग्रेडिंग में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है। हैरानी की बात तो यह है कि कलेक्टर की सख्ती के बावजूद भी इन अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निराकरण करने में ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, 20 अक्तूबर से 20 नवंबर तक एक महीने की शिकायतों पर गौर करें तो इस बीच 13,337 शिकायतें बंद की गई हैं, लेकिन 10 हजार 103 नई शिकायतें की गई हैं।
विज्ञापन


नवंबर के 20 दिन में 4202 शिकायतें
विभाग प्रमुख अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निराकरण समय पर नहीं करने से इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। अकेले नवंबर माह के 20 दिनों में ही 4202 शिकायतें लंबित हैं। वहीं, अक्तूबर महीने में 2179, सितंबर माह में 9,848 शिकायतें लंबित थीं। वर्तमान में कुल 16 हजार 229 शिकायतें लंबित हैं।

इन विभागों की सबसे अधिक शिकायतें लंबित
3432 स्वास्थ्य विभाग, 3087 राजस्व विभाग 2974, नगरीय विकास एवं आवास विभाग 1294, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1160, बिजली कंपनी ऊर्जा विभाग 754, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग 652, पुलिस विभाग 561, स्कूल शिक्षा विभाग 431, श्रम विभाग 387, पीएचई विभाग 384 शिकायतें लंबित हैं।

ये शिकायते हैं महीनों से लंबित
फुटेरा चौकी के गंज बरखेरा निवासी परशु अहिरवार ने बताया कि उनके बेटे की हत्या के आरोपियों पर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसको लेकर पिछले चार माह के दौरान 5 बार जनसनुवाई में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। असलम खान ने 30 सितंबर 2021 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। तहसीलदार को आवेदन दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तहसीलदार ने इसमें बेदखली का आदेश तो पारित किया, लेकिन स्थिति जस की तस है। तेंदूखेड़ा के ग्राम कुलुआ निवासी धर्मेंद्र भारती ने बताया कि तेजगढ़ हायर सेकंडरी स्कूल में अतिथि शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन उससे कम अंक वाले को नियुक्त कर दिया गया। इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से पांच बार कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर का कहना है कि शिकायतों का निराकरण तो किया जा रहा है, लेकिन हर माह नई शिकायतें जुड़ जाती हैं। जिससे पेंडेंसी बढ़ जाती है। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक हेल्प डेस्क बनाया गया है। जहां पर प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान केवल यहीं शिकायतें सुनी जा रहीं हैं। दूसरी ओर सभी विभागों में प्रत्येक मंगलवार को सुबह 11 बजे से एक बजे तक का समय जनसुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है। सभी की जिम्मेदारी तय की गई है। जो अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं उन पर नोटिस के साथ जुर्माना लगाया जा रहा है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें