दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक में बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद 187 उपभोक्ताओं की बिजली कटने से हड़कंप मच गया। इससे नाराज उपभोक्ताओं ने बिजली कंपनी पर गुस्सा जाहिर किया, जिससे विवाद खड़ा हो गया। स्थिति को देखते हुए बिजली कंपनी ने 135 उपभोक्ताओं के कनेक्शन फिर से चालू कर दिए।
महिला अंधेरे में रहने को मजबूर
बीड़ी बनाकर परिवार चलाने वाली हल्ली बाई यादव ने बताया कि उनका तीन माह का बिजली बिल करीब 1300 रुपये बकाया था। जैसे ही स्मार्ट मीटर लगा, बिजली कट गई। घर में कोई कमाने वाला नहीं होने के कारण वह अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
बिल भरने के बाद भी नहीं जुड़ी बिजली
बृजलाल रैकवार और महेंद्र झरिया ने बताया कि बकाया बिजली बिल भरने के बाद भी उनकी बिजली दो दिन से चालू नहीं हुई। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली बिल में अतिरिक्त सर्विस चार्ज जोड़ दिया गया है, जिसकी वजह से बिल भुगतान करने के बाद भी सप्लाई बहाल नहीं की गई। बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाने से पहले किसी प्रकार की गाइडलाइन की जानकारी नहीं दी। कई उपभोक्ता आधा बिल भरने को तैयार हैं, लेकिन उनकी बिजली फिर भी चालू नहीं की जा रही है।
बिल जमा न होने के बिजली बंद है
विद्युत वितरण केंद्र जबेरा के जेई महेश महतो ने बताया कि 187 उपभोक्ताओं की बिजली बकाया बिल के कारण स्मार्ट मीटर से ऑटोमेटिक कट हो गई। इनमें से 37 उपभोक्ताओं ने राशि जमा कर दी है, इसलिए उनकी बिजली चालू कर दी गई। बाकी उपभोक्ताओं की बिजली बिल जमा न होने के कारण बंद है।
तो बिजली चालू कर दी जाएगी
बिजली कंपनी के डीई एमएल साहू ने बताया कि दमोह जिले में कुल 1800 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं। जिन उपभोक्ताओं का छह महीने से बिल बकाया था, उनकी बिजली काटी गई। उपभोक्ता यदि बिल का आधा भुगतान भी कर देते हैं, तो उनकी बिजली चालू कर दी जाएगी।
तो जांच कराएंगे
उपभोक्ताओं की भारी नाराजगी के बाद कार्यपालन अभियंता ने जानकारी दी कि जबेरा वितरण केंद्र में 187 कनेक्शन काटे गए थे। हल्ली बाई यादव के मामले में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बकाया 1300 रुपये नहीं, बल्कि 1899 रुपये है। 11 महीने से बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ था। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया है कि यदि कोई और समस्या होती है तो उसकी जांच की जाएगी।