घटिया पर तेंदुए ने बनाया निवास
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जिले के तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र अंतर्गत सैलवाड़ा गांव में सोमवार सुबह फिर तेंदुआ दिखाई दिया। जब कुछ युवक नर्सरी में नहाने जा रहे थे, उस दौरान तेंदुआ सामने आ गया। जिसके बाद इन युवकों के होश उड़ गए और पुष्टि भी हो गई कि दिखाई देने वाला जानवर तेंदुआ ही है, जिसे वन विभाग लकड़बग्घा बता रहा है।
बता दें कि गुरुवार सुबह ग्रामीण विमलेश यादव को भी शौच के लिए जाते समय एक बड़ा जानवर दिखा था। मामले की जानकारी विमलेश द्वारा वन विभाग को दी गई थी। वन अमले ने बताया था कि वहां पर बड़ा जानवर लकड़बग्घा है, उसके बाद मामला शांत हो गया था, लेकिन सोमवार को जब एक अन्य युवक को तेंदुआ दिखा तो पुष्टि हो गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने चौकीदारों को नर्सरी के पास सुरक्षा की दृष्टि से तैनात कर दिया है।
नहाने जा रहे थे
सैलवाड़ा निवासी छोटू रैकवार ने बताया कि सैलवाड़ा बीट में वन विभाग की नर्सरी है, जिसमें पर्याप्त मात्रा में पानी भरा हुआ है। हम लोग अक्सर वहां पर नहाने के लिए जाते हैं। सोमवार को मैं अपने साथी के साथ इस नर्सरी के अंदर नहाने जा रहा था। तभी मेरी नजर एक जानवर पर पड़ी गौर से देखा तो वह तेंदुआ था। हम लोगों को डर लगा, लेकिन तेंदुए की नजर हम लोगों पर नहीं पड़ी। उससे पहले हम लोग नर्सरी से निकल आए और बाद में इसकी सूचना वन अमले को दी। विमलेश यादव ने भी बताया कि गुरुवार को जो जानवर को मैंने देखा था वह लकड़बग्घा नहीं था, क्योंकि मैं लकड़बग्घे को जानता हूं वह तेंदुआ ही था।
तेंदुआ ने बनाए निवास
सैलवाड़ा बीट के आगे सिलपुरा बीट है। यहां पर तेंदुआ है, इसकी जानकारी वन विभाग को भी है। कुछ महीने पूर्व जबलपुर मार्ग की घटिया पर एक तेंदुए ने अपना बसेरा बनाया हुआ था और वह जंगलों की ओर भी घूमता रहता था। हो सकता है यह वही तेंदुआ हो जिसने अब नर्सरी के अंदर अपना ठिकाना बना लिया है। क्योंकि इस नर्सरी में जानवर अक्सर दिखाई देते हैं। भालू, नीलगाय, हिरण लोगों ने यहां पर देखे हैं और भालू और नीलगाय का शिकार भी यहीं पर हुआ था। पिछले चार दिन से तेंदुआ इसी नर्सरी के आसपास घूम रहा है। क्योंकि नर्सरी के अंदर एक तलैया है, जिसमें बारह माह पानी भरा रहता है और पानी के कारण ही तेंदुआ यहां पर आ जाता है।