रावण के पुतले का निर्माण करते कलाकार
दमोह में दशहरा के एक दिन पहले ही रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है। इस साल भी यह आयोजन तहसील ग्राउंड में शुक्रवार रात 8 बजे से शुरू होगा, जहां रावण के 55 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया जाएगा। यह पुतला पिछले वर्ष की तुलना में पांच फीट ऊंचा है। इसे उत्तर प्रदेश के जालौन से आए कलाकार अकबर पठान और उनकी चार सदस्यीय टीम द्वारा अंतिम रूप दिया जा रहा है। पठान बताते हैं कि वे पिछले 35 वर्षों से दमोह में रावण का पुतला तैयार कर रहे हैं।
इस आयोजन की विशेष आकर्षण का केंद्र उनके साथी सोनू द्वारा तैयार की गई हाथ से बनाई गई आतिशबाजी होती है, जो पूरे कार्यक्रम को और भी मनोरंजक बना देती है। श्रीरामजी सेवा समिति के सेवादार अनुनय श्रीवास्तव ने बताया कि मोरगंज गल्ला मंडी से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, और हनुमान सुसज्जित रथ पर सवार होकर वानर सेना के साथ तहसील ग्राउंड पहुंचेंगे। यहां मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ रात 8 बजे से होगा, जिसमें भगवान श्रीराम और रावण की सेना के बीच युद्ध का मंचन किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्रीराम द्वारा छोड़े गए अग्निबाण से रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
इस वर्ष, रावण दहन मातृशक्ति की सुरक्षा और सम्मान के संदेश के साथ किया जाएगा। अनुनय श्रीवास्तव ने बताया कि दमोह में दशहरा एक दिन पहले मनाने की परंपरा इसलिए है क्योंकि यहां तिथियों के अनुसार जवारों के दिन ही दशहरा मनाने की परंपरा है। इस तरह दमोह के लोग एक अनूठी परंपरा का पालन करते हुए हर साल भव्य तरीके से दशहरा मनाते हैं।