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MP News:राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीम पहुंची दमोह,पीड़ित परिवार से मिलेगी,ऑपरेशन के बाद हुई थी सात की मौत

Mon, 07 Apr 2025 09:09 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह के मिशनरी अस्पताल में हार्ट के ऑपरेशन के बाद सात लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि ये ऑपरेशन ऐसे डॉक्टर ने किए जिसके पास योग्यता नहीं थी। पूरे मामले की जांच करने के लिए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीम दमोह पहुंच गई है। 
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीम पहुंची दमोह - फोटो : अमर उजला
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विस्तार
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दमोह शहर के निजी मिशन अस्पताल में फर्जी डॉ. जॉन केम के द्वारा किए गए ऑपरेशन के मामले को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार की टीम दमोह पहुंच चुकी है। दमोह के सर्किट हाउस में मौजूद टीम पीड़ित लोगों से मिलेगी। टीम में सदस्य रिंकल कुमार, ब्रजवीर सिंह, राजेंद्र सिंह शामिल हैं। 
इसके पहले  सात लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार रात करीब एक बजे मामला दर्ज किया। सीएमएचओ डॉ. मुकेश जैन ने कोतवाली में जांच प्रतिवेदन देकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है। यह FIR  उस समय की गई, जब सोमवार को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीम जांच के लिए दमोह पहुंचने वाली थी। इसके पहले दो महीने तक अधिकारी यह मामला दबाए बैठे रहे। हार्ट सर्जरी के बाद जिन सात मरीजों की मौत का दावा किया जा रहा है, उनमें से पांच की पहचान हो गई है। सीएमएचओ मुकेश जैन ने इन पांचों मरीजों के परिजन को पत्र लिखकर बयान देने के लिए बुलाया है। दमोह सीएसपी अभिषेक तिवारी ने बताया कि  डॉ. जॉन केम  के पास ऑपरेशन करने की योग्यता से संबंधित लाइसेंस नहीं था। 
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पढ़ें पूरा मामला- निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद सात लोगों की मौत का मामला, जांच के लिए कल आएगी आयोग की टीम


सीएमएचओ ने पुलिस को दिया प्रतिवेदन
सीएमएचओ डॉ. मुकेश जैन ने रविवार रात करीब एक बजे कोतवाली पहुंचकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ अपना प्रतिवेदन दिया। उन्होंने बताया डॉक्टर नरेन्द्र जान केम के द्वारा मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसल में बिना पंजीयन के मिशन अस्पताल में एन्जियोग्राफी और एन्जियोप्लास्टी कर धोखाधड़ी की है, जो जांच में सामने आया है। डॉक्टर के मेडिकल दस्तावेज रजिस्ट्रेशन की साइड पर नहीं दिख रहे उक्त रजिस्ट्रेशन प्रथम दृष्टया संदेहास्पद प्रतीत हो रहा है। साथ ही मप्र मेडिकल काउंसिल में बिना पंजीयन के कोई भी चिकित्सक मध्यप्रदेश में अपनी सेवाएं नहीं दे सकता है। इस संबंध में मिशन अस्पताल द्वारा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये गए हैं। इस संबंध में नियमानुसार कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक दमोह को प्रतिवेदन भेजा गया है।





इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
सीएसपी अभिषेक तिवारी ने बताया प्रतिवेदन में उल्लेखित तथ्य के आधार पर डॉक्टर नरेन्द्र जान केम और अन्य के विरुद्ध धारा 318 (4),338, 336(3) 340(2)3 (5) वीएनएस, मप्र आयुर्वेज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 24 का अपराध घटित करना पाए जाने से मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। सोमवार को जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम दमोह सर्किट हाउस आ रही है। टीम 7 और 8 अप्रैल को मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज करेगी। इसमें बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष को भी बुलाया गया है।
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इनकी हुई मौत
  • सत्येन्द्र सिंह राठौर पिता हामिर सिंह राठौर निवासी लाडनबाग, हथना।
  • रहीसा बेगम पति यूसुफ खान निवासी पुराना बाजार नंबर 2, दमोह।
  • इजरायल खान, निवासी डॉ. पसारी के पास, दमोह।
  • बुधा अहिरवाल निवासी बरतलाई, पटेरा।
  • मंगल सिंह राजपूत पिता गजेन्द्र सिंह राजपूत निवासी बरतलाई, पटेरा शामिल हैं।
दो महीने पहले की थी शिकायत
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष दीपक तिवारी ने बताया एनजोन केएम नाम के डॉक्टर ने जनवरी, फरवरी 2025 में करीब 15 हार्ट मरीजों की सर्जरी (एंजियोप्लास्टी) की। इनमें से 7 मरीजों की मौत हो गई। कुछ परिजन संपर्क में आए थे, जिसके बाद फरवरी में सीएमएचओ मुकेश जैन से शिकायत की। उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया, तो मार्च में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से शिकायत कर दी।

 

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