दमोह जिले में बारिश थमने के बाद नदियों का जलस्तर कम हो गया है और लोगों ने राहत की सांस ली है। पानी में डूब चुके पुल से पानी उतर गया और आवागमन शुरू हो चुका है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था और नदी-नाले उफान पर आ गए थे। हालात तो यह हो गए थे कि शहर में नाव चलाकर 30 लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा था। ग्रामीण अंचलों में जंगली नाले उफान पर आने से छोटी-छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ गया था और कई छोटे पुल पानी में डूब गए थे।
हटा जिले की मडियादो में इसी उफनते नाले को पार करते समय दो बाइक सवार बह गए थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया था, लेकिन उनकी बाइक पानी में बह गई थी। बुधवार दोपहर से बारिश थमने के बाद अब नदियों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है, जिससे सभी मार्ग खुल चुके हैं। इसके साथ ही वनांचल क्षेत्र में वॉटरफॉल चालू हो गए हैं, जिन्हें देखने लोग पहुंच रहे हैं।
रेस्क्यू और आवागमन
सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश मंगलवार तक जारी रही, जिससे शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए थे और दो स्थानों पर एसडीआरएफ की टीम को नाव चलाकर 27 लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा था। कई कालोनियों में चार पहिया वाहन पानी में डूब गए थे। जिले के कई छोटे पुल पानी में डूब गए थे। मडियादो, वर्धा मार्ग पर पड़ने वाले छोटे जंगली नाले उफान पर थे, जिससे मडियादो का मलवारा, तिदनी, कनकपुरा, पाली, पाठा, निवास सहित अन्य गांवों का आवागमन बंद हो गया था। इसी क्रम में मडियादो चोरईया मार्ग पर लमती नाला उफान पर होने से पाटन गांव का संपर्क भी मडियादो से टूट गया था। लेकिन अब बारिश थमने के बाद पुल से पानी उतर गया है।
वॉटरफॉल का दृश्य
पिछले दो दिन से हटा मड़ियादो क्षेत्र में भारी वर्षा से नदी-नाले उफान पर थे और सूखे पड़े जलाशय, तालाब सभी लबालब भर चुके हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व मड़ियादो बफरजोन में कई जलप्रपात बारिश के पानी से गुलजार हो गए हैं। मड़ियादो बफरजोन के चौकी भरका में वाटरफॉल का आकर्षक नजारा बन गया है, जिसे देखने स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। यहां जंगली नाले का पानी करीब 55 फीट ऊंचाई से नीचे गिरता है, जिससे वाटरफॉल देखने लायक होता है। इसी तरह क्षेत्र का प्रसिद्ध पर्यटक स्थल गोमुख का झरना भी जीवंत हो उठा है। जंगल के बीच बहते दूधिया जलधारा के जलप्रपात आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसी तरह सिंगोरगड का निदान वाटरफॉल भी शुरू हो गया है, जिसे देखने कई जिलों से पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां सैकड़ों फीट ऊंचाई से पानी गिरता है।