अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते अधिकारी
शहर में सोमवार को जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका के द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। जिसमें बड़ी संख्या में दुकानदारों के अतिक्रमण को हटाया गया। इस कार्रवाई में बड़े अतिक्रमणकारियों को छोड़ छोटे दुकानदारों पर प्रशासन का डंडा चला है। फुटपाथ पर बैठे लोगों को पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने हटा दिया, जबकि बड़े अतिक्रमणकारी सड़क पर अपना सामान यथावत रखे हुए थे, जिससे गरीब तबके के लोगों के द्वारा विरोध भी जताया गया, लेकिन जिला प्रशासन के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही थी इसलिए वह चुप हो गए।
शहर के अस्पताल चौराहा से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई और सड़क किनारे बांस के बर्तन बेचने वाले और अन्य छोटे दुकानदारों को हटाया गया। घंटाघर की ओर जाते हुए छोटी गुमटियां हटाई गईं और मटका बेचने वालों को भी हटाया जा रहा था, लेकिन बाद में उन्हें नहीं हटाया। कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन उन्हें किसी ने बताया की जिला प्रशासन के द्वारा ही करवाई की जा रही है तो वह लोग चुप हो गए। यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देशन में शुरू हुई है।
बड़े दुकानदारों पर रहम
जिला प्रशासन के द्वारा छोटे दुकानदारों को सड़क से हटा दिया, जबकि बस स्टैंड पर बड़े दुकानदार अपनी सामग्री सड़क तक रखे थे। कूलर, पलंग पेटी और सोफा सड़क तक रखे हुए थे। जहां जिला प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारी नहीं पहुंचे। वहीं किसान भवन जहां फुटपाथ ही नहीं दिखाई देता, वहां भी इसी तरह का अतिक्रमण था, लेकिन यहां कार्रवाई नहीं की गई। इस कार्रवाई के दौरान एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा, एसडीएम दमोह आरएल बागरी, तहसीलदार मोहित जैन, नगर पालिका सीएमओ सुषमा धाकड़ के साथ कई थानों के प्रभारी और पुलिस लाइन का बाल मौजूद था।