दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में निजी बैंक मैनेजर हरेंद्र सिंह से चार लाख 91 हजार की लूट करने वाले नकाबपोश आरोपी पकड़े गए हैं। भागते समय एक आरोपी का नकाब उतर गया था, जिससे पीड़ित के दोस्त ने उसे पहचान लिया, जिससे आरोपी पकड़ में आ गए। पुलिस ने लूट की राशि बरामद करने के साथ आरोपियों को न्यायालय में भी पेश किया है।
तारादेही तिराहा के पास मुन्नालाल चौधरी की गोदाम के सामने शुक्रवार शाम हिंडोरिया निवासी निजी बैंक के मैनेजर हरेंद्र सिंह ठाकुर को अज्ञात बाइक सवार युवकों ने कट्टा दिखाकर चार लाख 91 हजार रुपए लूऐ और फरार हो गए। पीड़ित स्टेट बैंक में यह रुपए जमा करने जा रहा था। दिनदहाड़े हुई लूट की घटना के बाद नगर में सनसनी फैल गई थी।
पीढ़ित हरेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसकी बैंक क्षेत्र के समूहों को कर्ज वितरण करती है। लगभग 40 गांव की 4 लाख 91 हजार 130 रुपये बसूली की गई थी। वह इन रुपयों को बैग में रखकर एसबीआई बैंक में जमा करने बाइक से जा रहा था, इस दौरान मुन्ना चौधरी की गोदाम के पास दो लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर बाइक से आए और कट्टा दिखाकर पैसे से भरा बैग लूटकर भाग गए।
लूट की वारदात होने के बाद तेंदूखेड़ा टीआई फेमिदा खान ने घटना की जानकारी दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी को दी। उनके निर्देश पर तेंदूखेड़ा एसडीओपी डीएस ठाकुर ने तत्काल एक टीम गठित की। मामले का खुलासा करते हुए तेंदूखेड़ा एसडीओपी डीएस ठाकुर ने बताया कि शुक्रवार की शाम क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण लिमेटेड फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक के साथ लूट की घटना हुई थी। एक युवक मुंह पर तोलिया बांधकर हरेंद्र के पास आया और कट्टा दिखाकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। उसी दौरान मैनेजर का साथी अनिल आया और आरोपी को पकड़ लिया। झूमाझपटी के दौरान लुटेरे का चेहरे से नकाब निकल गया और अनिल ने उसे देख लिया। इसके बाद आरोपी अपने साथियों के साथ दमोह की ओर भाग निकला।
घटना की जानकारी एसपी को दी गई उनके निर्देश मिलने के बाद पुलिस ने चारों ओर घेराबंदी की ओर तीन आरोपी पकड़े गए और इनके पास लूट की रकम भी बरामद की गई। पकड़े गये आरोपियों मे हेमंत पिता गोपाल प्रसाद जोशी 32 निवासी तेंदूखेड़ा, प्रवेन्द्र पिता शंकर विश्वकर्मा 44 निवासी तेंदूखेड़ा, रिंकू पिता हरिमोहन जोशी 20 निवासी नदीपूरा उत्तरप्रदेश से पूछताछ करने पर तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बाद में लूटी गई राशि और कट्टा जब्त किया र कार्यवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।