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Damoh News: दमोह के बीजाडोंगरी गांव में तालाब किनारे दिखा सात फीट का मगरमच्छ, रेस्क्यू करने पहुंचा वन अमला

Wed, 03 Apr 2024 05:01 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह के बीजाडोंगरी गांव में तालाब किनारे सात फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया है। वन अमला भी खोजबीन करने के लिए वहां पहुंचा।  
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तालाब किनारे बैठा मगरमच्छ
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विस्तार
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दमोह जिले के तेजगढ़ रेंज के अंतर्गत आने वाले बीजाडोंगरी गांव में बुधवार सुबह तालाब के घाट के पास सात फीट लंबा मगरमच्छ बैठा दिखाई दिया। मगरमच्छ देख ग्रामीण दहशत में आ गए। गांव के भागवत सिंह लोधी ने मगरमच्छ को जैसे ही तालाब के घाट के पास देखा तो अपने मोबाइल में उसका वीडियो बना लिया। रेंजर नीरज पांडे को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद भेंसखार बीट गार्ड सुरेंद्र अहिरवार, चौकीदार भजन सिंह, राजू यादव समेत वन विभाग का अमला बीजाडोंगरी तालाब पहुंचा।

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ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सुबह तालाब में तकरीबन सात फीट लंबा मगरमच्छ देखा। कुछ देर बाद आहट सुनते ही तैरते हुए तालाब के पानी में चला गया। फिर दिखाई नहीं दिया। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अमले ने घंटों इंतजार किया। तब भी मगरमच्छ पानी से बाहर नहीं आया। तालाब में पानी अधिक होने की वजह से मगरमच्छ को पकड़ा भी नहीं जा सका। लोगों ने बताया कि मगरमच्छ सुबह और शाम तालाब से निकलकर तालाब किनारे पठार पर बैठा दिखाई देता है। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने बताया कि तलाब का क्षेत्रफल बड़ा है और गहराई अधिक है। इसकी वजह से उसे देख पाना मुश्किल है। मगरमच्छ पर नजर रखी जाएगी। ग्रामीणों को भी तालाब से दूर रहने के लिए कहा जा जा रहा है।

गांव से 500 मीटर दूर पहाड़ी के उस पार यह तालाब है जिसमें ग्रामीणों के अनुसार पहले से तीन मगरमच्छ थे। इनमें दो गायब हैं और एक मगरमच्छ बुधवार सुबह दिखाई दिया। यह सार्वजनिक तालाब है, जहां गांव के लोग कपड़े धोने और नहाने आते हैं। गर्मियों में तालाब में छह से सात फीट पानी भरा हुआ रहता है। तालाब के सार्वजनिक घाटों पर चार से पांच मगरमच्छ निरंतर दिखाई दे रहे हैं। दहशत से ग्रामीणों ने तालाब जाना तक बंद कर दिया है।
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डीएफओ महेंद्र सिंह उईके ने बताया कि बीजाडोंगरी तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना प्राप्त हुई थी। तेजगढ़ रेंजर को निर्देशित किया गया था। मौके पर टीम भी पहुंची थी। पानी अधिक होने से मगरमच्छ दिखाई नहीं दिया। मैंने रेंजर को निर्देशित किया है कि लगातार नजर बनाए रखें। जैसे ही मगरमच्छ दिखाई देता है और रेस्क्यू करने की स्थिति बनती है, तत्काल रेस्क्यू कर सिंगोरगढ़ जलाशय में छोड़ा जाए।

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