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Damoh: आसमानी माता की प्रतिमा को चबूतरे से हटाया, समुदाय विशेष के युवक पर आरोप, आक्रोशित लोगों ने घेरा थाना

Tue, 17 Jan 2023 02:53 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

मध्यप्रदेश के दमोह जिले में आसमानी माता की प्रतिमा चबूतरे से हटाए जाने का मामला सामने आया है। इसका आरोप समुदाय विशेष के युवक पर लगा है। इससे ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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आसमानी माता की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह जिले के ग्राम रनेह में आसमानी माता की प्रतिमा को रात के अंधेरे में चबूतरे से हटाकर जमीन पर रखने का मामला सामने आया है। समुदाय विशेष के युवक और उसके परिवार पर आरोप लगा है, जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और थाने पहुंचे। लेकिन पुलिस का उदासीन रवैया देख पहले थाने का घेराव किया और फिर हटा पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

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बताया जा रहा है, कई साल से नवरात्रि पर्व पर आसमानी माता के चबूतरे पर देवी प्रतिमा की स्थापना की जाती रही है। चबूतरे पर माता की कई मूर्तियां भी विराजमान थीं। ग्रामीणों का कहना है, माता के चबूतरे पर रखी मूर्तियों को गांव के हजरत खान और उसके लड़कों ने हटाया है। साथ ही वहां बने चबूतरे पर अतिक्रमण कर लिया है। मूर्तियों को रातों-रात हटाया गया, मूर्तियां हटाए जाने से जहां ग्रामीण काफी आक्रोश में हैं। वहीं, थाना प्रभारी के रवैए से नाराज भी हैं।

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रनेह थाना प्रभारी प्रसिता कुर्मी ने बताया, यहां आसमानी माता का चबूतरा है। वहां पर कई साल से ग्रामीण नवरात्र के समय प्रतिमा रखते आ रहे हैं। पास ही समुदाय विशेष के युवक  का मकान है, जो भवन निर्माण कर रहा है। उसका कहना है कि जहां चबूतरा है वह जगह उसकी है। दूसरी ओर हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि यह उनकी जगह है। इसलिए संबंधित को कागज लाने के लिए कहा गया तो वह कागज लेकर आया। अब पटवारी को बुलाकर कागज दिखवाए जाएंगे, उसके बाद ही आगे कुछ होगा।

वहीं, ग्रामवासियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है और बताया है कि यदि समय रहते इस घटना पर प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो यहां पर कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। जिन्होंने मूर्तियां हटाई हैं, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। नहीं तो यह मामला और भी बड़ा रूप ले सकता है, जिससे क्षेत्र का सांप्रदायिक माहौल भी खराब हो सकता है।

10 साल से की जाती रही है देवी की स्थापना...
ग्रामीणों का कहना है, आज से 10 साल पहले से यहां नवरात्रि पर देवी की स्थापना की जाती रही है। कई साल पहले यहां पर पक्का चबूतरा बनाया गया था। अगर इस जमीन पर किसी का भी मालिकाना हक होता तो वह उस वक्त भी आपत्ति उठा सकता था। हजरत खान की ओर से फर्जी रजिस्ट्री करवाकर रातों-रात चबूतरे को मिटाया गया और मूर्तियां हटाई गईं।  यह जमीन फर्जी तरीके से महज कुछ दिन पहले ही हजरत खान ने खरीदी है, जिसके दस्तावेज फर्जी हैं। जब उन्हें मालूम था कि यहां पर देवी विराजमान होती है तो उन्हें जगह लेने के बाद कलेक्टर या एसडीएम के यहां आवेदन देना था कि यह जगह मेरी है और इसे खाली कराया जाए।



मामले में शिकायतकर्ता नरेश चौबे ने रनेह थाना प्रभारी पर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, दमोह सांसद और हटा विधायक से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि थाना प्रभारी दूसरे पक्ष का सहयोग कर रही हैं और उन्हें झूठे मामले में फसाया जा सकता है, इसलिए इनकी मदद की जाए।

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