मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अफसरों को निर्देश दिया है कि खाद लेने के लिए कहीं भी किसानों को लंबी कतारों में न लगना पड़े। चौहान कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी करने को कहा है। साथ ही जिला कलेक्टरों को खाद वितरण सुचारू रखने के लिए जिम्मेदार बनाया है।
संबंधित अफसरों के साथ बैठक में सीएम चौहान ने कहा, केंद्र सरकार से निरंतर आवंटन प्राप्त हो रहा है। खाद की कोई कमी नहीं है। वितरण का असंतुलन नहीं होना चाहिए। खाद वितरण के सुचारू प्रबंध मैदान में दिखना चाहिए। कंट्रोल रूम से निगाह रखते हुए प्रतिदिन की जानकारी सामने लाई जाए।
व्यवस्था में दोषी लोगों को जेल भेजने की कार्यवाही हो। प्रदेश में खाद वितरण के 262 अतिरिक्त काउंटर प्रारंभ किए गए हैं। चौहान ने निर्देश दिए कि तकनीक का इस्तेमाल करते हुए समय पर वितरण के साथ ही सोशल मीडिया से किसानों को आंकड़ों सहित वास्तविक स्थिति की जानकारी जिला स्तर पर दी जाए। ब्यूरो
जीवाजी वेधशाला में लगेगी दुनिया की पहली वैदिक घड़ी
मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन में मौजूद जीवाजी वेधशाला में दुनिया की पहली वैदिक घड़ी लगाई जाएगी। करीब 300 वर्ष पूर्व महाराजा जयसिंह की बनवाई गई वेधशाला में लगने वाली घड़ी की लागत 1 करोड़ 62 लाख रुपये अनुमानित है। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने रविवार को वैदिक घड़ी के लिए आधारशिला रखी।
उन्होंने बताया कि उज्जयिनी कालगणना की दृष्टि से यह वैश्विक स्थान रखती है। इसे देखते हुए दोबारा स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस वैदिक घड़ी में कई सारी विशेषताएं हैं। यह समय की वैदिक गणना पर आधारित होगी, जिसमें दिन के 24 घंटों को मुहूर्तों में विभाजित किया जाता है। इसके अलावा वैदिक घड़ी की रीडिंग के लिए समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन होगा और नागरिक इसका उपयोग स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टेलीविजन और अन्य उपकरणों पर कर सकेंगे।