हिंद के पांढुर्णा शहर में रविवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। लगातार बढ़ती तेज बारिश से चंद्रभागा नदी का तूफान और नदी किनारे स्थित कई गोदामों और गोदामों में बाढ़ का पानी घुस गया। देर रात पानी में तेजी से वृद्धि से लेकर आदिवासियों तक के जंगलों में रहन-सहन का सिलसिला जारी है। परिवार ने पूरी रात जगाकर घर से जरूरी सामान श्रमिक सुरक्षित स्थान पर रखा। कई लोगों ने अपने बच्चों और बुजुर्गों को पहले सुरक्षित स्थान पर भेज दिया, जबकि अन्य सदस्य घरों में घुसे पानी से सामान सुरक्षित बाहर रख रहे थे। लोगों ने कहा- संभलने का मौका भी नहीं मिला बारिश का असर सबसे ज्यादा नदी किनारे बसे मोहल्लों में देखने को मिला। कई मकानों के आंगन, सुपरमार्केट और सुपरमार्केट तक में पानी भर दिया गया। घर में फर्नीचर, अनाज, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और गोदाम में व्यावसायिक माल पानी रखा गया। लोगों का कहना है कि कुछ ही घंटों में नदी का आंकड़ा इतना बढ़ गया कि संभलने का मौका भी नहीं मिला। पूरी रात लोग पानी का स्तर देख रहे हैं और किसी भी तरह की आपत्ति की स्थिति से प्रवेश के लिए रुक रहे हैं। घरों के बाहर जलाए गए दीये बारिश और बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच लोगों ने आस्था का सहारा लिया। नदी किनारे रहने वाले कई परिवारों ने अपने घर के बाहर दीपक जलाकर इंद्रदेव से बारिश थमाने और बाढ़ का पानी कम होने की प्रार्थना की। महिलाओं ने परिवार की सुरक्षा और शहर पर इस प्राकृतिक आपदा से राहत की कामना की। लोगों का कहना है कि अगर गुरुवार को भी इसी तरह बारिश होती रही तो नुकसान और नुकसान हो सकता है और कई अन्य बस्तियों में भी बाढ़ आ सकती है। सारदा मार्केट में मंद बिजली के तार तेज बारिश और तेज हवा का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। शहर के जुड़े सारदा बाजार क्षेत्र में बिजली के तार टूट जाने से पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति केंद्र बंद हो गया। 12 घंटे से ज्यादा समय तक बिजली नहीं आने से लोगों को भारी मात्रा में स्टूडियो का सामना करना पड़ा। मोबाइल फ़ोन बंद हो गए, प्राइज़ सप्लाई प्रभावित हो गई और बिज़नेस का व्यवसाय भी बंद हो गया। कई असेंबलियों को बिल्डरों के भरोसे काम चलाया गया, जबकि अधिकांश कारखाने अंधेरे में डूबे हुए थे। प्रशासन की टीम कर रही उम्मीद, लोग बोले- राहत कार्य तेजी से हो रही बारिश के बाद प्रशासन ने शीशों पर नजर बनाए रखी। स्थानीय स्तर पर प्रभावित समुद्र तट की जानकारी और नदी के कर्मचारियों की निगरानी की जा रही है। दूसरी ओर, प्रभावित परिवार ने प्रशासन से विघटन वाले क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का काम शुरू करने, बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने और नुकसान का सर्वेक्षण करने की मांग की है। ये भी पढ़ें- उज्जैन: 'जय श्री राम' पर जवाब नहीं, 'सलाम वालेकुम' पर पलटवार का दावा; मुजफ्फरपुर में नदी ऐपल कंपनी के विरोध मौसम ने लोगों की चिंता बढ़ा दी लगातार हो रही बारिश और चंद्रभागा के बढ़ते मौसम ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी के किनारे और झीलों में रहने वाले परिवार में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर अगले 24 घंटों में फिर से तेज बारिश हुई तो कई घरों में पानी घुस जाएगा और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पूरा शहर बारिश थमाने और नदी का शोक घटने का इंतज़ार कर रहा है। बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ।